1786 Respect is every thing

Human being must
respect each other
irrespective of status.
Give respect and take
respect is easier way
to earn respect which
can’t be demanded.
If fail to respect other,
you can’t earn respect.
Factors due to you don’t
get respect are……
* Talking too much meaningless.
* Insulting others due ego and anger.
* Telling lie frequntly and loose trust.
* Live life unplanne and unmanaged.
* Interface in matter of other.
* Giving advise without asking.
* Sharing own problems.
* Not accoutable for money.
* Wrongly judge to others
* Back bitting & abusing.
* Not keeping promises.
Left all the factors to qualify
respect from others.
Respect builds strong relation
and strong relation makes happy
and peaceful life.
Remember Respect is every things.
Vinod Anand 13/11/2019
Friend,philosopher,Guide

1786 Respect is every thing

Human being must
respect each other
irrespective of status.
Give respect and take
respect is easier way
to earn respect which
can’t be demanded.
If fail to respect other,
you can’t earn respect.
Factors due to you don’t
get respect are……
* Talking too much meaningless.
* Insulting others due ego and anger.
* Telling lie frequntly and loose trust.
* Live life unplanne and unmanaged.
* Interface in matter of other.
* Giving advise without asking.
* Sharing own problems.
* Not accoutable for money.
* Wrongly judge to others
* Back bitting & abusing.
* Not keeping promises.
Left all the factors to qualify
respect from others.
Respect builds strong relation
and strong relation makes happy
and peaceful life.
Remember Respect is every things.
Vinod Anand 13/11/2019
Friend,philosopher,Guide

1785 मौत बन जाए ।

ईतना न सोचो कि सजा बन
जाए और सजा मौत बन जाए ।
ईतना न हसना कि मजाक बन
जाए और मजाक मौत बन जाए ।
ईतनी महोबत न करना कि मजबूरी
बन जाए और मजबूरी मौत बन जाए ।
ईतना लोभ न करना कि लालच बन
जाए और लालच मौत न बन जाए ।
ईतना व्यस्थ न रहेना कि अस्तव्यस्थ
हो जाए और जिवन व्यर्थ बन जाए ।
ईतनी तारिफ न करना कि तूफान बन
जाए और तूफान मौत बन जाए ।
ईतनी बातें न करना कि बकवास बन
जाए और बकवास मौत बनजाए ।
ईतना क्रोध न करना कि जहर बन
जाए और जहर मौत बन जाए ।
ईतनी आलस न करना कि आपत्ति
बनजाए और आपत्ति मौत बन जाए ।
ईतना न रोना कि हसना भूल जाए
और रोना तुम्हारा मौत बन जाए ।
जो भी हो, हद से ज्यादा न करो कि
अति बनजाए और अति मौत बनजाए
विनोद आनंद 11 /11/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1784 चाबी

जैसे हर एक ताले कि
चाबी होती है एसे हर
एक समस्या के हल
कि चाबी और हर एक
सफलता कि चाबी होती है ।
मगर चाबी ढूँढनी पडती है ।
हर समस्या और सफलता
कि चाबी मिले तो समझो
कि किस्मत के ताले कि
चाबी मिल गई ।
जो समस्या कि चाबी अपने
हाथ में नहि उसे दूसरी चाबी
से खोलने कि कोशिश न करो,
परिस्थितिका स्वीकार करके
जीने कि आदत बनालो जिसे
दुःख महेशूस नहि होगा सुखो
कि बारिश होगी ।
समस्या से डर गया समझो
दुःखी हो गया ।
कोई समस्या ईन्सान से बडी
नहि, जैसे हर ताले कि चाबी
होती है एसे हर एक समस्या
कि चाबी यानि हल होता है ।
हल ढूँढना के खुश रहेना हि
सहि जीने सहि तरिका है ।
विनोद आनंद 11 /11/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1785 मौत बन जाए ।

ईतना न सोचो कि सजा बन
जाए और सजा मौत बन जाए ।
ईतना न हसना कि मजाक बन
जाए और मजाक मौत बन जाए ।
ईतनी महोबत न करना कि मजबूरी
बन जाए और मजबूरी मौत बन जाए ।
ईतना लोभ न करना कि लालच बन
जाए और लालच मौत न बन जाए ।
ईतना व्यस्थ न रहेना कि अस्तव्यस्थ
हो जाए और जिवन व्यर्थ बन जाए ।
ईतनी तारिफ न करना कि तूफान बन
जाए और तूफान मौत बन जाए ।
ईतनी बातें न करना कि बकवास बन
जाए और बकवास मौत बनजाए ।
ईतना क्रोध न करना कि जहर बन
जाए और जहर मौत बन जाए ।
ईतनी आलस न करना कि आपत्ति
बनजाए और आपत्ति मौत बन जाए ।
ईतना न रोना कि हसना भूल जाए
और रोना तुम्हारा मौत बन जाए ।
जो भी हो, हद से ज्यादा न करो कि
अति बनजाए और अति मौत बनजाए
विनोद आनंद 11 /11/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1782 ઘેલો ન થા

તારી સલાહની નથી
કોઇ ને જરૂર, નમાગી
આપવા સલાહ,ધેલો ન થા.
તારા અભિપ્રાયની નથી
કાંઇ કિંમત,પૂછ્યા પહેલા
આપવા અભિપ્રાય,ઘેલો ન થા.
તારી કહાનીમાં નથી
કોઇને રસ,ગમે તેને કહેવા
તારી કહાની ઘેલો ન થા.
તારા આગમનની કોઈ
રાહ જોતું નથી, કામ વગર
કોઇને ઘરે જવા ઘેલો ન થા.
તારી બકવાસ સાંભળવા
કોઇ રાજી નથી વાતે વાતે
દલીલો કરવા તુ ઘેલો ન થા.
તારી કોઇને જરૂરત નથી તો
સામે ચાલીને કબાબમાં હડ્ડી
બનવા ઘેલો ન થા.
તારા ડાહપણની કદર નથી
ત્યાં ડાહપણ કરવા ઘેલો ન થા.
તારા જ્ઞાનની કોઇ ને ભૂખ નથી
અયોગ્ય પાત્રને જ્ઞાન આપવા
ઘેલો ન થા. પોતાનું સ્વમાન
જાળવવા ગમે ત્યાં ઘેલો ન થા
નહિ તો અપમાનિત થવું પડશે.
વિનોદ આનંદ 09/11/2019
ફ્રેન્ડ,ફિલોસોફર,ગાઈડ

1783 कही सुनी बातें

* दो तरह के व्यक्ति से दूर रहेना
बीझी व्यक्ति जो अपनी मरजी से बात
करेगा और घमंडी जो सिर्फ मतलब से
बात करेगा ।
* जिंदगी आसान नहि होती,आसान
बनानी पडती है, कुछ अंदाज से तो
कुछ नज़रअंदाज से ।
* पिता कि दौलत का क्या धमंड करना,
मजा तो तब है जब दौलत अपनी हो
और धमंड पिता का हो ।
* सफल नहि होने के बहाने मत बनाईए
आप के पास भी 24 घंटे होते है जो
सफल व्यक्ति के पास होते है ।
* अगर आप शूकुन चाहते हो तो लोगों
कि बातें दिल से लगाना छोड दो ।
* जिदगी रूकने का नहि आगे बढने का
नाम है, बदल ने के लिए लडना पडता
और आसान करने के लिए समझना
पडता है ।
* शुक्रगुजार होना भी एक आदत है
उस कि आदत डालनी पडेगी ।
* भरोसा खुदा पे है तो वो मिलेगा
जो किस्मत में लिखा है मगर
भरोसा खुद पे हो तो खुदा वो हि
लिखेगा जो आप चाहते हो ।
* भरोसा खुद पे रखो तो ताकात
बन जाती है भरोसा दूसरों पे रखो
तो कमजोरी बन जाती है ।
विनोद आनंद 10/11/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड