बहाना

बहाना, काम नहीं करने का अच्छा तरीका है ।
गलती छूपाने का एक अच्छा नुक्सा है।
कहीं पर समयसर न पहोंचने से बचाव में
बहाने बनाते है लोग ।

जो कामचोर है,
जो अपनी गलती नहीं स्वीकारते,
जो नियमीत नही है,
वो ही बनाते है बहाने ।

बहाना जुठ्ठ की परछाई,
जुठ्ठा सच, जो छूपता नहीं ।
जब भेद खुल जाएगा,
चोरी पकड़ी जाएगी तो,
तब शर्मा ना पडेगा,
विश्वास टूट जाएगा,
व्यक्तित्व बीगड जाएगा ।

बहानेबाजी से बचना,
हींमत से सच बोल देना,
गलतीओं का स्वीकार करके,
माफी माँग लेना,
नियमीत बन जाना,
तो जरुरत नहीं पड़ेगी बहानेबाजी ।
विनोद आनंद

Advertisements

One thought on “बहाना

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s