सिर्फ एक

जैसे खीर में सिर्फ एक ही बूंद छाँस की,
खीर को बीगाड देगा ।

सफेद शर्ट पे सिर्फ एक काला द़ाग, 
शर्ट की सुंदरता कम  कर देगा ।

नाँव मे सिर्फ एक छोटा सुराग,
नाँव को डुबा देगा  ।

ज़हर का सिर्फ एक बूंद भी,
ईन्सान की जान ले लेगी ।

ऐसे ही जिवन मे सिर्फ एक गलती,
ईन्सान की ईज्जत कम कर देती है,
और जिवन में सिर्फ एक दुर्गुण,
ईन्सान की कींमत कम कर देगा ।
विनोद आनंद

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