सोच

सोच मन की शक्ति
सोच अगर अच्छी तो सोना
जिवन का श्रींगार
जिवन अनमोल ।

सोच अगर बूरी तो पित्तल
जिवन कद्रूप
जिवन कोडीयों के दाम ।

सोच अगर सही तो स्वर्ग
अच्छे कर्मो का मेला
सोच का सद् उपयोग

सोच अगर गलत तो नरक ।
बूरे कर्मो का ढेर
सोच का दूर उपयोग ।

सोच पर अगर नहीं है काबू
तो बूरी और अच्छी दोनों आगेगी
अच्छी सोच मेहमान बन कर
और बूरी सोच रीश्तेदार बन कर आयेगी ।

रोकना है या भगाना है बूरी सोच को
और बनाना है , रीश्तेदार अच्छी सोचो को
यही है सोच पर निगरानी और नियत्रंण ।
और जिवन जीने का सही ढंग ।

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