हमने क्या नही आता ?

हमे प्रेम करना नहीं आता क्यूंकी,
हमे प्रेम की परिभाषा नही पता ।
प्रेम ईश्र्वर की अनुभूति है, यह
जान ले तो प्रेम करना आजाएगा ।

हमे बातचीत करना नहीं आता क्यूंकी,
हमे शब्द-भाषा की सुंदरता,
और वाणी का प्रभाव नही जानते ।
वाणी ईश्र्वर की देन है, यह जान ले
तो बातचीत करना आजाएगा ।

हमे कर्म करना नही आते क्यूकी,
हम कर्म के फल की ईच्छा करते है,
और नही मिलने से दु:खी होते है ।
कर्म वर्तमान और भविष्य बनाता है, यह
जान ले तो कर्म करना आजाएगा ।

हमे रीश्ते निभाना नहीं आता क्यूंकी
हम रिश्तों में स्वार्थ का ज़हर मिलाते है ।
रिश्ते जीवन की बुनीयदा है यह,
जान ले तो रिश्तें निभाना आजाएगा ।

हमे जीना नहीं आता क्यूंकी
हमे जीवन का उदेश्य नही पता,
जीवन का मूल्य नही समज़ते ।
मानव जीवन दुर्लभ है, यह
जान ले तो  सही जीना आ जाएगा ।

जब हमे यह सब आ जाएगा, 
तब जीवन सफळ, सार्थक
और धन्य हो जाएगा ।

विनोद आनंद                             06/03/2016
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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