हर कोई चाहता है ।

हर कोई चाहता है प्रेम मगर,
क्या हर कोई करता है प्यार ?
अगर करोगे प्यार तो पाओगे प्यार ।

हर कोई चाहता है सहारा आपत्तिमें,
मगर क्या हर कोई देता है सहारा दूसरों को ?
अगर दोगे सहारा तो मिलेगा सहरा ।

हर कोई चाहता है मान-सन्मान मगर,
क्या हर कोई देता है मान-सन्मान दूसरों को  ?
अगर करोगे सन्मान तो पाओगे मान-सन्मान।

हर कोई चाहता है आदर्श पति या पत्नि,
क्या हम है  एक आदर्श ईन्सान ?
अगर हम लायक बने तो चाहत होगी  पूरी ।

हर  कोई चाहता है अच्छा दोस्त,
क्या हम अच्छे दोस्त है किसी के ?
अगर हम है अच्छे तो मिलेगा दोस्त सही ।

हरे कोई चाहता है सुख-शांति मगर,
क्या हम करते सुख-शांति का प्रयास ?
अगर हम करे प्रयास तो मिलेगी सुख-शांति ।

कुछ भी पाने से पहेले बनना पडता है लायक ।
सुंदरता पाने से पहले सुंदर बनना पड़ता है  ।

विनोद आनंद                              15/03/2016
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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