मर्द कौन ?

मर्द मजबूत काया और निरोगी हो,
मक्कम और शूरवीर हो, वो मर्द है ।
मर्द मुश्किलों का सामना करता हो,
हींमत और साहस से काम करता हो ।
वो मर्द है ।
मर्द शक्तिशाली हो और
उस का सही उपयोग करता हो,
वो मर्द है ।
मर्द हार से न हार जाए,
जीत ने की कोशीश करता हो,
समस्याओं को हल करता हो ।
वो मर्द है ।
मर्द दर्द से न दुखी हो और न मायुस हो ।
मर्द मर्यादा न छोड़े और मर्दानगी निभाता हो ।
दूसरों पर अत्याचार न करात हो ।
वो मर्द है ।
मर्द कि निशानी चहरे पे तेज और मूछ हो
आवाज़ शेर जैसी,आखों में खुमार हो,
फिर भी आवारा नही फरिस्ता हो,
देखते ही पहेचान जाए, वो मर्द है ।

मर्द हो मर्द बनने की कोशीश करो
मुर्दा बनकर जीना भी क्या जीना है ?

विनोद आनंद                             29/04/2016
फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

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