कौन अमीर ? कौन गरीब ?

न कोई अमीर न कोई गरीब
क्यूं कि तुम्हारे पीछे लाखों है,
और आगे भी लाखों है ।
क्या धन ही अमीर और
गरीब का मान दंड है ।
धन तो आज है तो कल नही है।
जो भी स्थिति है उस में खुस
और संतोष है वो ही अमीर है,
वो कभी भी गरीब नही है ।

ईन्सान धन दौलत से अमीर नही,
सदा गुणो से और संस्कारों से,
सद् विचारों से और सत्कर्मो
से अमीर कहेलाता है ।
वो कभी गरीब नही होता ।

जिस को ईश्र्वर में श्रध्धा,विश्वास
ईश्वर की कृपा और वडीलों का
आशीर्वाद है वो अमीर है ।

जो मन से अमीर है, वो अमीर है,
वो कभी भी गरीब नही है ।

विनोद आनंद                               30/04/2016
फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

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