मन भटकता है ।

मन भटकता है विचारो से
मन बड़ा चंचल बंदर की भाँति
कही टिकता नही एक ज़गह पे ।

मन को स्थिर करना है तो
विचारों पर नियत्रंण करना है ।
ध्यान, प्राणायाम से मन को
स्थिर कर शकते है ।

मन में अच्छे बूरे विचार आते है
ज्यादा तर बूरे विचार आते है ।
बूरे विचार को रोकना है
अच्छे विचार करके ।

ईन्द्रियाँ  मन को लुभाकर
भटकने से मज़बूर करती है ।
मन की चंचलता बढ़ाती है।
मन को ईन्द्रियों से बचाना है ।

ईन्द्रियों पे काबू, मन पे संयम
और विचारों पर नियंत्रण मन को
स्थिर करने के लिए आवश्यक है ।

विनोद आनंद                              18/05/2016
फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

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