शायरीयों का गुलदस्ता

1   बोज
जिंदगी बोज नही
जिंदगी बोज उठाने के लिए है ।
जिम्मेदारी बोज नही ।
जिम्मेदारी मक्सद है जिंदगी का ।

  2   नही,,,,,, है
खुबसूरती चहेरे से नही
मुस्कान से होती है ।
प्रेम दिखावा से नही
प्रेम जताना से होता है ।
आंखे आशूं का घर नही
आंखे प्रेम का झरोखा है ।

3    बातों बातों में
बातों  बातों में बात बीगडती है
और बात बनती भी है ।
बात न बीगडे उस का ध्यान रखो
तो हमेंशा बात बनती ही रहेगी ।

   4   दो रंग
जिंदगी के रंग है दो ।
एक है सफेद रंग सरळता,
सहजता, सात्विकता का,
जो जिंदगी सँवारे

दूसरा है काला दिखावा,
देखा देखी और दंभ का
जो जिंदगी में करे अँधेरा  ।

कौन से रंग में रंगे हो आप ?
जरा पूछो अपने आप से ।
जिंदगी सँवारे उस रंग में रंग जाओ ।
वर्ना अँधेरा छा जाएगा जिंदगी में ।

विनोद आनंद                             27/06/2016
फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

कभी कभी

कभी कभी अँधेरे में रहने का
अभ्यास किया करो ।
कभी अँधेरे में रहेना पड़े तो
कोई परेशानी नही होगी ।

कभी कभी धूप में चलने का
अभ्यास किया करो ।
कभी धूप में चलना पड़े तो
चलना मुश्केल नही होगा ।

कभी कभी उपवास किया करो ।
कभी संजोग से खाना न मिला तो
भूख बरदास्त कर शकोगे ।

कभी कभी रातको जागने का
अभ्यास किया करो ।
कभी सोना न मिले तो
मुड नही बीगडेगा ।

कभी कभी पंखा के एसी बीना
रहने का अभ्यास किया करो ।
कभी उस के बीना जीना पडे तो
जीना कठीन न लगे ।

जीवन कठीनाओ के साथ
जीने का अभ्यास जीवन को
आशान बनाएगा और
हर हाल मे खुस रहेना शीखाएगा ।

विनोद आनंद                              26/06/2016
फेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

Prayer for World Peace

Prayer to God makes
everything possible.
Prayer must be collective
through heart with
trust and faith in God.
Prayer is more effective with
collective prayer and effort.
Only prayer is ineffective.

Collective Prayer to God
with collective effort
for World Peace will
prevail peace in world.

Just start prayer and effort,
sincerely  to make the dream
of World Peace true.
I request all  to pray God
for World Peace.

Prayer :-

“O God your world is
so beautiful.
Some thing missing,
that is Peace.
I pray,  for World Peace.
I shall try to leave
peaceful life and
inspire others to do.
Please inspire & guide me.
Give power and blessing. ”

If everyone pray and try
to leave peaceful life,
World peace will be prevailed.

Vinod Anand                       25/06/2016
friend, philosopher, guide.

चार युग

चार युग, सत्य, तेत्रा
द्वापर और कलियुग ।
सत्ययुग में धर्म के चार स्थंभ
सत्य, पवित्रता, तप, दया है ।

तेत्रा में धर्म के त्रण स्थंभ है
पवित्रता,तप, दया ।

द्वापर में धर्म के दो
स्थंभ तप और दया है ।
कलियुग में धर्म का
सिर्फ एक स्थंभ, दया है ।

जिस का जिवन सत्य, पवित्रता,
तप, और दया पर आधारित है
उस के लिए सत्ययुग है ।
हर युग में चारों युग विद्यमान है ।
जैसा जिवन ऐसा युग विद्यमान है ।

जो सोया रहे उस के लिए कलियुग ।
जो सिर्फ जागते, तो द्वापर युग ।
जो उठ कर, कुछ सोचे तो तेत्रा युग ।
जो सोचे और कुछ करे तो सत्य युग ।

आप किस युग में चाहते है जीना
आप को ही सोचना और  है जीना ।

विनोद आनंद                              25/06/1216
फेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

निंद और निंदा

निंद और निंदा दोनों एक राशी
दोनों है खलनायक अगर हो ज्यादा ।

एक होश उडाए तो,
दूसरी इज्ज़त गँवाए ।

एक काम बीगाडे तो,
दूसरी नाम  बीगाडे ।

एक कामचोर बनाए तो,
दूसरी बदमाश बनाए ।

निंद और निंदा दोनों के
अति से बचो तो बहेतर है ।

दोनों है नमक समान ।
ज्यादा नमक भोजन बीगाडे,
ज्यादा निंद-निंदा जिंदगी बीगाडे ।

सप्रमाण निंद ताज़गी और शक्ति दे ।
निंदा सुधार के लिए है तो सलाह दे ।

निंद और निंदा का सही ईस्तमाल
जिंदगी सँवारे ।

विनोद आनंद                             25/06/2016
फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

World Peace

World peace must be
top most & first priority
target of all the countries.

India and indian are
first among all.
Other should join
as early as possible to
achieve this target so
world become heaven.

Being Indian I propose
for world peace please
accept and put maxi
affort for world peace.

Peace lies in inner soul
as human being itself
is source of peace.
Still he is upset and
distrubed because of
bad qaulities like proud
selfishness, greedy and
dissatisfaction, and
seeking peace out side.

Only remedy is that
each must acquire
peace of mind.
Every human promise
himself to become
peaceful and really
become peaceful.

World peace will be
easily achieved with
minimum affort.
Just try every one,
who wants world peace.
Best of luck and
Best wishes.

Vinod Anand                        23/06/2016
friend, philosopher, guide.

માન અપમાન

જ્યાં માન નથી ત્યાં ન જવું
માન નથી ત્યાં અપમાન છે.

ઘરમાં કે બાહર બધાને માન
આપો એજ ભારતીય સંસ્કૃતિ.
માન ન આપવું એ વ્યક્તિનું
ને સંસ્કૃતિનું અપમાન.

માન અદભૂત ઔષધ,રાખે
તન, મન, સંબંધ સ્વસ્થ
ને બનાવે જીવન સ્વર્ગ.

અપમાન ઝહર બનાવે
તન, મન, સંબંધને રોગી
ને બનાવે જીવન નર્ક.

અન્નના બગાડથી અન્નદેવતાનું,
પૈસાનો બિનજરૂરી ખર્ચથી,
લક્ષ્મીનું અપમાન થાય.

મહેમાનની આગતા સ્વાગતા
ન કરવી મહેમાનનું અપમાન.

ગુસ્સામાં ને આવેશમાં
વાત કરવી એ સરસ્વતી
દેવીનું અપમાન.

માત પિતાનું કહેવું ન માનવું
એ અપમાન માત પિતાનું.

માન મર્યાદાનું પ્રતિક ને
સંસ્કૃતિ ના શ્રી ગણેશ.
માન વ્યક્તિનું આભૂષણ
ને દેશની શાન.

વિનોદ આનંદ                      22/06/2016
ફ્રેન્ડ,ફીલોસોફર,ગાઇડ