बहेतर है…… 

​खुद समझना नही चाहते, 

ओरों को समझाते है ।

कोई नही समजता और

गेर समझ जन्म लेती है ।

बेहतर है खुद समझ जाए ।

खुद सुधारना नही चाहते, 

औरों को सुधारना चाहते है ।

कोई नही सुधरता, संबंध बिगडे है ।

बेहतर है खुद सुधर जाए ।

खुद के नुक्स नही दीखते, 

ओरों के नुक्स निकाले है । 

खुद में नुक्स ईक्कठा होता है ।

बेहतर है ओरों कि अच्छाई देखे ।

खुद कि भूल छूपाना और

ओरों कि भूले दिखाना । 

बेहतर है खुद कि भूल कबूल 

करो फिर न करो और ओरों 

की भूल माफ करो ।

खुद को सच समजना

साबित करने को दलील करना

और औरों को झूठा समझकर

साबित करने को दलिल करना 

बहेतर है सच्चाई का साथ दो ।

खुद झूकना नही चाहते

ओरों को झूकाना चाहते है ।

सब से झगड़े फिर ते है ।

बहेतर है नम्र बनो ।                                                विनोद आनंद                         13/07/2016          फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

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