शायरीयों का गुलदस्ता 10

​1)  जिंदगी

जिंदगी क्या है ? 

जिंदगी सवालों का है जवाब

अगर है जवाब सही तो

जिंदगी है लाज़वाब

वरना जिंदगी है बेजवाब  ।

2) शिख लो 

बहुत जीया थोडा, रहे गया बाकी ।

हाथी निकल गया, पूंछ रह गई बाकी

फिर क्या रोना, जी भर के जीलो, 

हसना  शिख लो ।

3) मौन

बहुत बोला कि

बोलना हो गया बकवास ।

अब सिर्फ सुनना है तो

बोलना हो गया मौन ।

4 ) सच से दूर ,,,,, 

सच से दूर तो खूदसे दूर ।

खूदसे दूर तो खुदा से दूर ।

खुदा से दूर  तो प्रेम से दूर
प्रेम से दूर तो रिश्तों से दूर ।

रिश्तों से दूर तो अपनो से दूर  ।

अपनो से दूर तो सब से दूर ।

सब से दूर तो जिंदगी से दूर ।

जिंदगी से दूर तो मृत्यु के करीब ।

विनोद आनंद                                   30/07/2016     फ्रेन्ड, फिलोसोफर, गाईड

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