सायबी क्या है ? 

​संपूर्ण सायबी में एसो आराम

न काम, न काज़, बस  गप सप

मोबाई पे, टी वी में सिरीयल और 

दोस्तो के साथ पार्टी में खाना, 

पीना,सोना और वजन बढाना ।

घरका पूरा भार नौकर चाकरो पे और

फिर उन पर रोफ जमाते रहे, 

फिर भी उन पर हि है आधारित ।

बाप धंधे मे रात दिन पैसे कमाए ।

बच्चे और पत्नि पैसे लुटा ने में मसगुल ।

किसी को किसी के लिए नही है समय ।

अपनी अपनी मौज मस्ती के नसे में ।

परिवार के सभी सभ्य छत के निचे है, 

मगर कोई किसी के साथ नही है ।

पैसे वालों का यही है जीनेका तरीका ।

सारा जीवन पैसे के जोर पे चलता है ।

पैसे लिए जीते है पैसे के लिए मरते है ।

फिर भी पैसा उन के साथ नही जाते ।

पुण्य,संस्कार और भक्ति जो साथ जाते है

वो कमाने का उनके पास समय कहाँ है ।

सायबी के साथ थोडा पुण्य, संस्कार

और भक्ति कि दौलत भी कमाए

तो होगा कल्याण आत्मा का ।

विनोद आनंद                            30/09/2016       फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

Nature of a man

​Nature of man means

behaviour or reaction 

comes without any effort

is called nature of the man

and become natural. 

Habit of the man become
Nature of the man. 

Behaviour or reaction 

created by perception 

believes and feelings, 

finally create personality

Human’s original nature
is of peace, purity, love

compassion and joy. 

During the life journey
Human has acquired 

Nature like anger, hate, 

jealousy, violence etc.

Man’s main responsibility 
is to reacquire real nature,  

and live happy peaceful 

and divine life. 

Vinod Anand                     28/09/2016   Friend,Philosopher,Guide

महत्त्वपूर्ण बातें – 3

​महत्त्वपूर्ण बातें – 2 के बाद

ओर कई महत्त्वपूर्ण बातों

पर भी गोर करे क्यूंकि,  

वो हमे सुख,शांति देगी

और महान बनाएगी ।

नवमी महत्त्वपूर्ण बात है, 

तन निरोगी और मन निर्मल हो

जिंदगी  बहेतरिन बनेगी ।

सोच समजकर, सही, और

समयसर निर्णय लेना सफलता 

मिलेगी । है, दसवीं महत्त्वपूर्ण बात है ।

ग्यारवीं महत्त्वपूर्ण बात है, 

अपनी सीमीत सीमाओं को 

बढाओ तो, विकास होगा ।

ईश्र्वर पर श्रध्धा, विश्र्वास हो, 

और कृतज्ञन होकर अपनी 

शक्तिओं का सही उपयोग करना ।

है, बारहवीं महत्त्वपूर्ण बातें ।

बारह महत्त्वपूर्ण बातों को

बार बार पढो और मनन करो

जिवन में होगा  चमत्कार ।

विनोद आनंद                                27/09/2016  फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

महत्त्वपूर्ण बातें – 2

​महत्त्वपूर्ण बातें – 1 के बाद

ओर कई महत्त्वपूर्ण बातों

पर भी गोर करे क्यूंकि,  

वो हमे सुख,शांति देगी

और महान बनाएगी ।

जिवन में सद् गुणों का और 

सद् आचरण का अभ्यास, 

आदर्श ईन्सान बनने के लिए

है, पाँचवीं महत्त्वपूर्ण बात ।

छठ्ठी महत्त्वपूर्ण बात है, 

जीवन में हर कर्म करते

समय मन को एकाग्रह

करना, हर कार्य में 

सफल हो ने के लिए ।

परिवार और संबंधीओ के साथ 

ताल मेल से मिल जूल के जीना

है, साँतवी महत्त्वपूर्ण बात ।

आठवीं महत्त्वपूर्ण बात है, 

खुद कि,  दूसरों कि और

समय कि सही किंमत समजे ।

ओर महत्त्वपूर्ण बातों का

करो बेसबरी से ईन्तज़ार ।

तब तक ईसी से जिवन को

बेहतरीन बनाने कि करो कोशिश ।

विनोद आनंद                             26/09/2016     फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

महत्त्वपूर्ण बातें – 1

​महत्त्वपूर्ण बातें बोध देती है ।

बोध सही मार्ग दीखाता है ।

सही मार्ग सफलता देता है ।

अगर जब उसे समजे तो ।

महत्त्वपूर्ण बातों को महत्त्व दो ।

क्यूंकि वो हमे सुख,शांति देती

और महान बनाती है ।

सबसे  पहेली महत्त्वपूर्ण बात है, 

सकारात्मक सोच रखना

और नकारात्मक सोच छोडना ।

जीवन में गुणग्राही बनो और

आलोचना नही प्रसंसा करो ।

है दूसरी महत्त्वपूर्ण बातें ।

तिसरी महत्त्वपूर्ण बात है, 

कर्मयोगी बनो, कर्म को फर्ज

समजकर निष्ठा से करना ।

उद्देशपूर्ण जीवन जीओ 

उद्देश प्राप्ति का लक्ष्य रखो ।

है चौथी महत्त्वपूर्ण बात ।

महत्त्वपूर्ण बातें सँवारे जीवन

उसे जीवन में शामिल करो तो ।

उसे शामिल करना साधना है । 

ओर भी है कई महत्त्वपूर्ण बातें

फिर कभी कहेगे महत्त्वपूर्ण बातें

तब तक यही बातों को समजो ।

विनोद आनंद                         26/09/2016         फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

शेर शायरीयों का गुलदस्ता -19

आंखे

आंखो का मिलना जैसे
नदी का समुद्ध से मिलना ।

आंखे मिल के लहरे 

अरमानो की उठी, 

जैसे समुद्ध मे उठती है लहरे ।

आंखो मे आंशू का आना जैसे

बादलो का बरसना ।

आंख का बंध होना जैसा

सूरज का छूप जाना ।

खूबसुरती का राज़ है आंखे ।

पसंद

क्या पसंद ना पसंद 

पसंद सही  या गलत 

परिणाम के बाद हो पता चले ।

 गलत पसंद का नुकशान तो 

 भूगतना पडेगा ।

सोच समजकर करे पसंद

तो नुकशान  से बच शके ।

बोज़

शरीर पे काम बोज़

मन को विचारों का बोज

दिल पे भावनाओं बोज़

हो तो जिंदगी लगे बोज़ ।

जिंदगी बोज नही 

जिंदगी है मौका ।

विनोद आनंद                                   25/09/2016       फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

वो शक्स कहाँ है ? 

​वो शक्स कहाँ है 

जिस पर नाझ  हो 

गौरव हो और गर्व हो ।

 हर शक्स नसे में है, 

निंद में है और आशक्त है, 

किस न किसी का ।    

वो शक्श कहाँ है,,,, 

हर शक्स अंधेरे में है, 
अज्ञानी है, अविश्र्वास में है, 

और मोहित है किस न किसी से ।

वो शक्श कहाँ है,,,, 

हर शक्स गुलाम है, 
पराधिन है, आश्रित है,

और मन मौजी है ।  

 वो शक्श कहाँ है,,,, 

हर शक्श हेरान है, परेशान है, 
दुखी है और अशांत है, 

किसी न किसी कारण से ।

वो शक्श कहाँ है,,,, 

हर शक्श दुर्गुणों, कुटेवों
कुभावों से और बंधा है 

किसी न किसी कर्मो से । 

वो शक्स कहाँ है 
जिस पर नाझ  हो 

गौरव हो और गर्व हो ।                           

विनोद आनंद                            24/09/2016      फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड