सायबी क्या है ? 

​संपूर्ण सायबी में एसो आराम

न काम, न काज़, बस  गप सप

मोबाई पे, टी वी में सिरीयल और 

दोस्तो के साथ पार्टी में खाना, 

पीना,सोना और वजन बढाना ।

घरका पूरा भार नौकर चाकरो पे और

फिर उन पर रोफ जमाते रहे, 

फिर भी उन पर हि है आधारित ।

बाप धंधे मे रात दिन पैसे कमाए ।

बच्चे और पत्नि पैसे लुटा ने में मसगुल ।

किसी को किसी के लिए नही है समय ।

अपनी अपनी मौज मस्ती के नसे में ।

परिवार के सभी सभ्य छत के निचे है, 

मगर कोई किसी के साथ नही है ।

पैसे वालों का यही है जीनेका तरीका ।

सारा जीवन पैसे के जोर पे चलता है ।

पैसे लिए जीते है पैसे के लिए मरते है ।

फिर भी पैसा उन के साथ नही जाते ।

पुण्य,संस्कार और भक्ति जो साथ जाते है

वो कमाने का उनके पास समय कहाँ है ।

सायबी के साथ थोडा पुण्य, संस्कार

और भक्ति कि दौलत भी कमाए

तो होगा कल्याण आत्मा का ।

विनोद आनंद                            30/09/2016       फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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