सिर्फ एक बार 

​सिर्फ एक बार दिल से 

चहेर पर मुस्कान लाकर देखो 

मुस्कराना शीख जाओगे ।

सिर्फ एक बार खुद से 
बात करके तो देखो, 

कैसा शकून मिलता है और

अकेलापन दूर हो जाता है ।

सिर्फ एक बार मन कि
मोनोपोली तोड के देखो, 

मन तुम्हारी हर बात मानेगा ।

सिर्फ एक बार अपनी जिद्द 
के चक्रव्यु से बहार आके देखो, 

सब कुछ सही होता जाएगा ।

सिर्फ एक बार दूसरों
को खुस करके देखो, 

सुखी का ठीकाना मिल जाएगा ।

सिर्फ एक बार दूसरों का
दु:ख दूर करके देखो, 

तुम्हार दु:ख कम हो जाएगा ।

सिर्फ एक बार खुद कि 
गलती स्वीकार करके देखो, 

गलती सुधारना आजाएगा ।

सिर्फ एक बार गलती कि
माफ़ी माग कर तो देखो, 

मन हलका हो जाएगा ।

सिर्फ एक बार गलत आदत से
छूटकारा पाके तो देखो, 

थोडी परेशानी कम हो जाएगी ।

 सिर्फ एक बार वाणी में

मीठास लाके तो देखो, 

कडवाहट पीघल जाएगी ।

एसा सिर्फ एक बार एसा करोगे
तो बार बार करना आजाएगा और

सुखद परिवर्तन आएगा जीवन में ।

विनोद आनंद                            04/10/2016       फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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