मिलो तो एसे जैसे

​मिलो तो एसे मिलो जैसे 

बरसों के बाद मिले हो ।

ईतनी खुसी जताओ कि

रेगीस्तान मे फूल खिल जाए ।

मिलो तो एसे मुस्करा के मिलो कि 
चहरे से हसी कि बारिस हो और 

बिछडने के बाद तुम्हारी याद सताए ।

मिलो तो एसे मिलो जैसे 
कोई अपने को मिले हो ।

मिल के पहले नमस्कार, 

फिर   हालचाल,और कहो

मैं तुम्हे लिए क्या कर शकता हूँ  ।

बिछडो तो एसे जैसे पूरा
दिन उनके दिल दिमाग 

पे छाए रहो और फिर 

मिल ने कि चेष्ठा करे ।

विनोद आनंद                        05/10/2016           फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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