सब के प्रिय कैसे बनोगे ? 

​जीवन में सब के प्रिय बनने 

का लक्ष्य होना चाहिए ।

प्राप्ति कि ईच्छा, प्रयास,

और चेष्ठा होनी चाहिए ।

कैसे सब के प्रिय बनोगे ? 

उस पर सोचना चाहिए ।

नई मान्यताओ को 

स्वीकार करना होगा ।

पहेली मान्यता है हम

हम सब परमात्मा कि

संतान है सब अपने है

कोई नही है पराया ।

सब में ईश्र्वर का वास है ।

दूसरी मान्यता है हम

शांत पवित्र प्रेमसभर

आत्मा है, सब को प्यार

करना यह हमारा कर्तव्य है ।

न किसे बैर, सब से दोस्ती हो ।

हमे किसे से न नफरत, न द्वेष  

और न तिरस्कार करना है ।

सब का भला और कल्याण हो 

एसा मन में भाव जगाना चाहिए ।

सब के साथ समभाव,प्रेम भाव

साथ,सहकार और सहयोग 

से व्यवहार करना चाहिए  ।

किसी कि जिंदगी को आशान

बनाने का प्रयास करना है ।

जो दूसरों का व्यवहार हमे

नही पसंद  एसा व्यवहार

हमे दूसरों से नही करना है ।

हमे किसी कि परेशानी

और भावनाओ की कदर

करना और रिश्तो निभाना है ।

हमे अपने मन और इन्द्रियों पे

काबू रखकर सब के साथ

तालमेल से और मिल

जूलकर रहेना शीखना है ।

सब के प्रिय बनने के लिए

एसे जीना शीखना पडेगा ।

विनोद आनंद                                12/10/2016           फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

 

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