पहेले क्या बाद में क्या ? 

​हमे जो पहले करना है, 

वो हम  बाद में करते है 

हमे जो बाद में  करना है, 

वो हम  पहेले करते है 

जैसे पहेल हम बोल है

और बाद में सोचते है 

जो बोला वो गलत था ।

अगर पहेले सोचते और 

फिर बोलते तो शायद 

गलत नही बोलते । 

जैसे पहेल हम कर्म करते है

और बाद में सोचते है 

जो किये वो गलत था ।

अगर पहेले सोचते और 

फिर कर्म करते तो शायद 

गलत नही होता । 

बीना सोच बोलना और

कर्म करना और पस्ताना 

तो फिर क्या ? बहेतर है

कि जो कुछ बोले और करे

वो सोच समजकर करे तो

पस्ताना नसीब नही होगा ।

विनोद आनंद                          20/10/2016         फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

 

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