आदतें

​आदतों के गुलाम हम

चाहे अच्छी हो या बुरी ।

छोडना है  मुश्किल ।

अच्छि आदतें सवाँरे

और बढाईए उसे ।

छोडनी है बुरी आदतें ।

बुरी आदतें चाहे कितनी 

भी करे हेरान,परेशान 

और बदनाम तो भी हम

गलेसे लगा के रखते है और 

वो गला दबाती रहती है ।

बुरी आदत जिद्दी होती है 

छोडने में ज्यादा और अच्छी 

आदतें लानेमें कम वक्त लगता है ।

आदत एक जरीया जिसे

हम सद् गुण और दुर्गुण 

जीवन में पा शकते है और वो 

अच्छा स्वभाव बनती है ।

कोई काम-व्यवहार बार बार

दोहराने से आदत बन जाती है ।

अपने कार्य-व्यवहार को देखो, 

अगर बुरा तो न दोहराना और

अच्छा तो बार बार करना ।

बुरी आदतों से बचोगे ।

अच्छी आदतें बनती रहेगी 

जीवन सँवरता रहेगा ।

बुरी आदतें विनाश की राह ।

अच्छी आदतें विकास की राह ।

विनोद आनंद                           25/10/2016         फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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