सोना चांदी जैसा जीवन

​दिल खुस तो सोना

दिल खुस कैसे रहे ? 

दिल में छल कपट, 

द्वेष और ईर्षा न हो तो ।

वो कैसे हो ? 

दिल में प्रेम,दया 

जगाने से ।

मन प्रसन्न तो चांदी

मन प्रसन्न कैसे रहे ? 

मन प्रवित्र,संयमी हो और

मन में सदभाव,समभाव हो तो

वो कैसे हो ? 

अभ्यास से मनको संयमी

और संस्कारी बनाने से।

तन स्वस्थ तो सुंदर जीवन ।

तन स्वस्थ कैसे रहे ? 

नियमीत, प्रमासर, 

पौष्टिक आहार और

कसरत,प्राणायाम से

तन स्वस्थ रहेगा ।

तन,मन स्वस्थ और

सुंदर जीवन तो सफल 

सार्थक और समृध्ध ।

विनोद आनंद                           28/10/2016       फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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