जीवन का उद्देश्य

​इन्सान अकेला आया था

अकेला जाएगा यह सत्य है ।

लेकिन ईन्सान अकेला नही, 

नसीब लेकर आया है ।

पूर्वजन्म का हीसाब चुकाने, 

चूकाते चूकाते नया नसीब, 

ईश्र्वर भक्ति से मुक्ति और

पुनःजन्म का निर्माण करके 

ईन्सान पाप,पुण्य और कर्मो

कि गठ्ठरी  लेकर जाता है ।

धन दौलत साथ नही जाती

यही जीवन का रहस्य है ।

साथ आती है उसे बटोरना

और नही जाती उसे जरूरत

तक सीमीत रखना और

हो सकेतो मुक्ति पाना

जीवन का सही उद्देश्य है ।

यही सही तरीका है जीने का ।

विनोद आनंद                             01/11/2016       फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड
   

 

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