अपने अपने होते है

​अपने अपने होते है बाकि 

सब पराए होते है ।

अपनो से प्रेम,स्नेह और

अपनापन मिलता है ।

अपने को कभी पराया 

न समजना न करदेना ।

वरना अकेले हो जाओगे ।

हो सके तो पराए को अपना 

बनाना यही सफलता और

सार्थकता है जिंदगी कि ।

दया, प्रेम और स्नेह किसी को

भी अपना बना शकता है ।

अपनो से रूठना यानी

रब से रूठना ।

रब से रूठना  यानी 

अपनी किस्मत से दुश्मनी ।

अपनों में रब का दर्शन, 

किस्मत से दोस्ती ।

अपनो से छल कपट

संगीन अपराध जिस कि

सज़ा आजीवन अकेलापन ।

अपने अपने होते है दूसरे

सब न अपने होते है, 

न पराए हो है, सिर्फ

अजनबी होते है ।

विनोद आनंद                        05/12/2016           फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s