​   दुर्जन-सज्जन कैसे ? 

​सज्जन या दुर्जन है तो मानवी

जो दुर्गुणो के भरा है वो दुर्जन, 

सद् गुणो के भरा है वो सज्जन ।

सज्जन या दुर्जन है जीव आत्मा ।

आत्मा परमात्मा का अंश 

परमात्मा के सभी गुण मौजूद है

लेकिन उसे जगाकर धारण 

किया जाय तो जीव आत्मा 

सद् गुण धारण कर देगा ।

तब मानवी  सज्जन बनता है

अगर उसे नही जगाया तो 

दुर्गुण प्रभाव दिखाएगा, 

और जीव आत्मा दुर्गुण 

धारण कर देगा तब मानवी 

दुर्जन बनता है । 

सज्जन का आगमन और

दुर्जन का जाना खुशी देता है ।

सज्जन का जाना और

दुर्जन का आगमन दुःख देता है ।

सज्जन या दुर्जन संग उसे 

बदल शकता है । 

सत्संग दुर्जन को और कुसंग

सज्जन को बदल शकता है ।

कुसंग से दूर और सत्संग के

पास रहोगे तो सज्जन बनोगे ।

विनोद आनंद                        09/12/2016           फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

 

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