नही तो,,,, नही

​नींव मजबूत नही तो, 

मकान मजबूत नही, 

मकान सुरक्षीत नही है ।

रिश्तों में प्रेम नहीं तो, 

रिश्तों में प्राण नहीं, 

रिश्तें सुरक्षीत नही है ।

जीवन में सिध्धांत नही तो, 

जीवन में  सिध्धि नही, 

जीवन सुरक्षीत नही है ।

जीवन में नियम नही तो, 

जीवन नियमीत नही, 

जिंदगी सुरक्षीत नही है ।

मन पर संयम नही तो

मन स्थिर नही, 

मन दोस्त नही, 

मानवी सुरक्षीत नही ।

कर्म सही नही तो

मानवी सफल नही

नसीब सुरक्षीत नही ।

जुबा कडवी तो,  

प्रेम और शांति नही, 

व्यवहार सुरक्षीत नही ।

जिवन मजबूत  और 

सुरक्षीत हो ख्याल रहे तो

जीवन सफल और सार्थक हो ।

विनोद आनंद                              29/12/2016     फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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