सोच समज़ कर वरना,,,,, 

​किस से क्या शीखे ? 

कोई किसी से शीखना 

नही चाहता ।

किसी को क्या सुझाव दे

कोई कुछ सुनना 

नही चाहता ।

किसी से क्या संवाद करे

सभी वाद विवाद करते है ।

कोई संवाद करना नही चाहते ।

किस से  दिल कि बात कहे

कोई दिल बात समजना नही चाहता ।

किस से अपनी परेशानी कहे

किसी को दूसरों कि फिक्र ही नही ।

किस से अपनी समस्या का 

समिधान पूछे ।

कोई समाधान नही चाहता ।

किस से अपनी खुशी सेर करे ।

किसी को दूसरों कि खुशी 

बरदास्त नही होती ।

किस से क्या प्रेम जताए

कोई प्रेम को समज नही चाहता ।

क्या करे, क्या न कर, कैसे करे ? 

जो करे वो सोच समज करे, 

वरना होगा धोखा और पस्तावा ।

विनोद आनंद                              31/12/2016     फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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