शेर शायरीयों का गुलदस्ता -22

​💖वरना 

ईन्तज़ार मीठा लगता है, 

जब वो सच में आने वाला हो

वरना उसे कडवा कुछ भी नही ।

आने के बाद ईन्तज़ार खत्म होता है

न आने से वो शूल बन कर चूभता है ।

💝मिलन

मिलन का पल पल सुखद

लेकिन पल पल बीछडने का

डर सताता रहेता है ।

मिलन का मज़ उसी पल

उडन छू हो जाता है ।

मिलेतो एसे मिलो कि 

बिछडेगें न कभी ।

मिलन में सिर्फ मिलन ।

जूदाई से न हो नाता ।

💘जुदाई

जुदाई मिलन कि परछाई

उसे दु:ख कि धूप न समजो

मिलन के पल का विडीयो

देखकर जुदाई को भगादो

जीवन में मिलन ही मिलन हो ।

💞मेला                                                                

जिंदगी है मेला 

मिलन और जूदाई का

मेले में से खुसीयाँ 

खरीद नी है गम नही चाहे

कैसा भी हो माहोल ।

माहोल को महेफिल बनाना है ।

विनोद आनंद                            09/01/2017        फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड 

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