662 न फसो न फसाओ

न फसो न फसाओ

न ईतना भोला बनो कि

कोई भी फसाए ।

ईतना कपटी न बनो कि

फसाने कि आदत हो जाए ।

न ईतने अच्छा न बनो कि

कोई भी तुम्हे बेवकूफ बना शके ।

ईतना अंध विश्र्वास न करो कि

कोई कभी भी विश्वासघात करे ।

ईतना प्रेम न करो कि

कोई भी तुम्हारे प्रेम का

गलत फायदा उठाए ।

ईतना बेध्यान,बेपरवा न बनो कि

कोई कभी भी धोखा दे दे ।

सावधान हो जाओ,

जागृत हो जावओ ।

सोच समज कर किस पर,

विश्र्वास करो और प्रेम करो,

आंखे खोलकर सतर्क रह कर

माप तोल कर व्यवहार करो कि

छल कपट से बच शको ।

” न फसो न फसाओ ”

उत्तम जीवन सूत्र अपनो
विनोद आनंद                               07/02/2017

फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

 

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