667 सफर जिंदगी का

​सफर में जितना सामान कम

उतना सफर होगा आसान ।

कम ईच्छाओ का सामान हो तो

जिंदगी का सफर होगा आसान ।

सफर में अनुकूलता हो या, 

प्रतिकुलता,मन अपशेट न हो तो

जिंदगी का सफर कटेगा अच्छा ।

जिंदगी सफर में चिंता तनाव का

बोज हो तो सफर होगा कठीन ।

जिंदगी में निराशा,उदासीन का

मौसम हो तो सफर होगा गमगीन ।

जिंदगी में दुर्गुणो,कुटेवो का मेला

सफर जिंदगी का होगा मुश्किल।

बुरे विचारों,गलत मान्यता हो तो

जिंदगी का सफर होगा दुःखी ।

जिंदगी का सफर हो आशान और

सफल यही लक्ष्य और प्रयाश, 

बनेगा सफर आशान और सफल ।

जिंदगी का सफर हो आशान और

सफल यही शुभकामना और 

प्रार्थना मेरी ईश्र्वर को ।

विनोद आनंद                           15/02/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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