684 आत्मसात् करो 

हम पहले आत्मा है फिर तन ।

तन आत्मा का गणवेश ।

आत्मा परमात्मा का अंश ।

आत्मा के सात गुणें आत्मसात्

करे तो तन-मन रहे निरोगी ।

निरोगी तन पहेला सुख ।

सद् गुणी मन  दूसरा सुख और

संस्कारी आत्मा तिसरा सुख ।

आत्मा का सात गुणें, करे आत्मसात् 

तो तन, मन को करे प्रभावीत । 

जैसे ज्ञान – नरवस सीस्टम कोकरे प्रभावीत । 

शांति – रस्पीरेशन सीस्टम को करे प्रभावीत ।

सुख – पाचन  सीस्टम  और

प्रेम – सरक्युलेन सीस्टम को करे प्रभावीत ।

पवित्रता – ईन्द्रियों का सीस्टम और

आनंद – होरमन्स सीस्टम को करे प्रभावीत । 

शक्ति – मस्कुलर,स्केलेटन सीस्टम को करे प्रभावीत ।

आत्मा के गुण आत्मसात् कि

कोशीश करो तो सफलता  मिलेगी ।

जीवन में सुख शांति और समृध्धि मिलेगी । 

निरोगी तन, पीस ओफ माईन्ड,  

और शक्तिशाली आत्मा तो जीवन महान ।

विनोद आनंद                           03/03/2017 फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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