701 जीना शीखलो

जीना शीखलो,तो जीना आजए ।

जीना आजाए तो,हसना आजाए ।

हसना आजाए तो,खुश रहेना आजाए ।

खुश रहेना आजाए,तो शांत रहेना आजाए ।

शांत रहेना आजाए तो,जीना आजाए ।

जीना शीख लिया तो, सब शीख लिया ।

सब शीख ने बाद भी,जीना न आया 

तो जो भी शीखा, वो सब है बेकार ।

क्यूंकि शीखने का उदेश्य ही ह,जीना आजाए ।

जीना आजाए तो,जीना आसान हो जाए

जीना आसान तो,जीवन सरळ, सहज, हो जाए ।

जीवन सरळ, सहज, हो जाए तो,जीवन 

सफल,सार्थक और महान हो जाए ।

बस जीना शीखलो तो, धरा स्वर्ग बन जाए । 

धरा स्वर्ग बनजाए तो, समज लेना कि 

हमे जीना शीख लिया और जीना आ गया ।

विनोद आनंद                         18/03/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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