710 बहार और भीतर

बहार अंधेरा,तो चिराग जलाने

से चारो ओर होगा उजाला ।

भीतर अंधेरा तो क्या जलाए ? 

भीतर अंधेरा तो प्रेम श्रध्धा और 

विश्र्वास का जलाए दिप । 

ज्ञान का दिपक और भक्ति की

बाती से आत्मा का दिप जलाए ।

आत्मिय सद् गुण का प्रकाश से

भीतर जागेगा प्रेम श्रध्धा 

और विश्र्वास तो, होगा 

दूर अंधेरा भीतर का ।

भीतर उजाला तो बहार भी 

उजाला, दूसरों के भितर भी

जगाए  उजाला लेकिन, 

बहार का उजाला भीतर में 

नही कर शकता उजाला ।

न बहार का अंधेरा भीतर

 कर शकेगा अंधेरा ।

विनोद आनंद                             24/03/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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