715 किसी कि बोल बाला

जो रोफ और धाक जमा दे, 

बस उसी कि है बोल बाला ।

जो उग्रह, जोसीला वक्ता हो, 

बस उसी कि है बोल बाला ।

जो सच को जूठ्ठ साबित करदे, 

बस उसी कि है बोल बाला ।

जो अपनी गलती छूपा कर

दूसरों को कसूरवान ठहेराए, 

 बस उसी कि है बोल बाला ।

जो जरूरत पर दीन बनकर

अपना काम निकाल दे बस, 

उसी कि है बोल बाला ।

जो चालाकि से ठग ले

गंध भी न आए बस, 

उसी कि है बोल बाला ।

बातों बातों मे मोम करदे बस,  

उसी कि है बोल बाला ।

जो प्रसंसक हो, सामने

पिछे हो निदंक बस, 

उसी कि है बोल बाला । 

जब तक सच्चाई पता नही

उसे बाद बोल बाला नही

लेकिन बरबादी निश्चित है ।

ईसलिए जिनेका एसा तरिका

न अपनाए कि बाद में 

पस्ताना पडे ।

विनोद आनंद                          26/03/2017   फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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