808 💐 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-33

💟 झुकना

जो पहेले झुकता है

वो है विजेता और

बाद में  झुकता है

वो है रनर और

जो झुकता ही नही

वो होता है लुझर

💖 जीत में हार

जीत में हार समाई हुई है 

वो कैसे ? 

जीत कि खुशी में डुबकर

मदहोश हो जाओगे ।

बेध्यान-बेदरकार होकर

बाजी खेलोगे और जीत

नही, मिलेगी हार ।

💙 हार में जीत

हार में जीत समाई है 

वो कैसे ? 

हार को हार नही 

जीत का श्री गणेश है

हार से निराश नही

एक आशा जगाओ

जीत ने कि कोशिश से

तुम्हे मिलेगी जीत ।

हार, जीत कि प्रेराण है ।

सुख-दुख

दु:ख में  सुख देखना

सुख में दु:ख न ढूँढना 

दोनों ही है कर्मो कि देन

और तुम्हारी कमाई है 

चाहे जो भी हो खुस रहो ।                                     विनोद आनंद                                    15/06/2017      फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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