818 सच्चाई

किसी को बरबाद करके 

आबाद नही हो शकते  ।

किसी को दु:खी करके 

सुखी नही हो शकते  ।

किसी को हेरान करके 

चैन नही पा शकते  ।

किसी का अपमान करके 

मान नही हो पा शकते ।

किसी से बेवफ़ई करके 

बफाई नही हो पा शकते ।

किसी को निंद हराम करके 

चैन कि निंद नही सो शकते ।

किसी से विश्र्वासघात करके

विश्र्वास नही पा शकते ।

किसी को चीट करके 

शाहुकार नही बन शकते ।

जीवन में गुन्हा करके 

सज़ा से नही बच शकते ।

क्यूँकि पेड बबूल का 

लगाके आम कहाँ से खाओगे

क्यूँकि जैसा कर्म करोगे 

एसा फल मिलेगा ।

यह सच्चाई भूल न जाना

सच्चाई को आत्मसात करना ।

विनोद आनंद                                22/06/2017    फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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