843  खुशामत

खोटी प्रशंसा, जूठ्ठि प्रशंसा 

मतलबी प्रशंसा,खुश करने कि

खातर जो प्रशंसा कि जाती है

वो प्रशंसा नही वो है खुशामत ।

कुछ काम के लिए बीन लायकात, 

तारिफ करना खुशामत है ।

खुशामत खुदा को भी है प्यारी

हम तो ईन्सान है प्रशंसा के

खुशामत का भेद नहीं समजे ।

आखिर जब मतलब पूरा हो जाए

तब ईन्सान कि प्रशंसा का रहस्य 

खूल जाता है फिर क्या करना ।

खुशामत करने वाले को पहेचानो

उन के अभिनय को पहेचानो 

तो फिर उन के ईरादे को

नाकामियाब कर शकते है ।

सचे दिल से कि गई तारिफ

मान सन्मान और प्रतिष्ठा है ।

खुशामतखोरो से दूर रहो 

उन से रिश्ता न जोडो वरना

खोटी प्रशंसा करके खुश होंगे ।

खुशामत प्रपंच, छल कपट और

धोके के अलावा कुछ भी नहीं  ।

प्रशंसा सच्चाई और प्रेरणा के

अलावा कुछ भी नहीं  ।

विनोद आनंद                                11/07/2017

फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

 

 

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