873  संबंध

संबंध एक बंधन, निभाना है । 

संबंध एक बचन, पूरा करना है ।

संबंध एक साधना, सिध्ध करना है ।

संबंध एक आश्रय,  सहार देना है ।

संबंध एक जादू, चमत्कार दिखाना है ।

संबंध एक पहेचान, पहेचान बनानी है ।

संबंध ही जीवन, संबंध बीना जीवन नहीं ।

संबंध सबसे पहेल बाद में सब कुछ ।

संबंध सबसे किंमती, किंमत चूकाना है ।

संबंध प्रत्ये बेजीम्मेदारी, बेवफाई, 

लापरवाही, बेदरकारी और बेध्यान

संबंध में दरार और लागणी में हीनता ।

संबंध में छल कपट, निंदा चुगली

और स्वार्थ संबंध का जनाजा ।

संबंध में दिखावा, चापलूशी और

ढोंग, तोहीम है तो संबंध कि 

उसे बचाना मुश्किल है, 

लेकिन नामुनकीन नही है  ।

संबंध प्रेम, विश्र्वाश,

और स्नेह,समर्पण से

बनते है संबंध मजबूत ।

संबंध ही जीवन का आधार ।

संबंध ही जीवन कि वैशाखी

वरना जीवन होता है अपाहीत 

विनोद आनंद                                10/08/2017    फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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