876 💐 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-40

💖 शीखो

ठोकर से गीर के 

फिर खडे हो शकते है ।

लेकन किसी के 

दिल से गीर के फिर

दिल में  नही रह शकते ।

ठोकरों से शीखो धीरे चलना 

और अपनों से शीखो

दिल में रहना ।

💘 शायद

टूटके गीरना शायद 

नसीब हो शकता है 

लेकिन गीर के फिर 

खडा होकर, संभलकर 

चलना ही कर्म है ।

💞 ईच्छा

स्वप्ने देखना कल्पना है

ईच्छा को स्वप्न और

स्वप्न को कल्पना बनादो

ईच्छा होगी पूरी जरूरी 

एक ईच्छा पूर्ण हुई

और दूसरी हो गई प्रगट ।

नहीं कोई अंत ईच्छाओ का

करनी है ईच्छाओ नियंत्रीत ।

विनोद आनंद                                12/08/2017    फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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