892 शर्त ये शट्टा

शर्त या शट्टा, 

शैतान कि बेटी ।

आंखे न मिलाओ,

रिश्ता न जोडो ।

पहेली जीत खतरनाक, 

शैतान कि पहेली चाल ।

अगर जीत गए तो 

शैतान कि बेटी लेगी जन्म ।

शर्त या शट्टा बनेगा शौख ।

अगर हार गए तो दूसरी बार 

जीत जाएंगे एसी उमीद से

फिर शर्त या शट्टा खेलेंगे ।

चाहे हार हो जीत शर्त या 

शट्टा चे चुंगल में फस जाओगे ।

फिर शर्त पूरी करने के लिए

चोरी भी करनी पडेगी ।

कोई चोरी करते देखलेगा तो 

खून जैसा अपराध भी 

करायेगी शैतान कि बेटी ।

इसलिए शर्त या शट्टा से

दूरी रखना अगर एक बार भी

पास गए तो समजो फ़से ।

पहेले वो शौख, फिर लालच

और फिर नशा और बरबादी ।

शर्त या शट्टा गुनाहों का 

प्रवेश द्वार जिस का नही कोई 

दूसरा द्वार निकलने का ।

शर्त या शट्टा में नो एन्ट्री प्लीझ ।

विनोद आनंद                                 20/08/2017   फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s