956 💐शेर शायरीयों का गुलदस्ता-45

🌹दिल या दिमाग 

कैसे बताए दिल का 

हाल किसी को ? 

सब सोचते है दिमाग से ।

कब दिल से और कब 

दिमाग से सोचना यह 

अंदाज होना जरूरी है ।

वरना गरबड हो जाएगी ।

👄 न होगा गलत

रोको जूबा को गलत बोलने से

वरना गज़ब हो जाएगा ।

सोचो जूबा बोल देने से पहेले

अगर है गलत तो रोकलो ।

तो कभी भी नहीं होगा गलत ।

🌹 कम नही है

हसता हुआ चहेरा किसी 

खिले हुए गुलाब से कम नही है ।

व्यक्ति में सद् गुणो कि सुवास

गुलाब कि खुशबू से कम नही है ।

रोता हुआ चहेरा किसी 

मुरझाए हुए फूल से कम नही है ।

व्यक्ति में दुर्गणो कि दुर्गंध

गटर कि दुर्गंध से कम नही है ।

💥कोशिश

उस का कमीज मेरी कमीज से

सफेद कैसे ? सोच के अपनी

कमीज को सफेद करने कि

मानवी कोशिश करता है ।

लेकिन उस के जीवन में 

मेरे जीवन के सद् गुणो से

ज्यादा कैसे  ? सोच कर

सद् गुणो बढाने कि मानवी

नहीं करता कोशिश ।

विनोद आनंद                               30/10/2017

फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

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955 दिल से न लगाना

अपनों के कडवे बचन को

दिलसे मत लगाना ।

कडवे बचन के रहस्य को 

जानने कि कोशिश करो ।

शायद कडवे बचन में 

करेला का गुण हो ।

अगर एसा नही है तो भी

बातों को दिल से न लगान 

क्योंकि,बात दिल से लगाने से

दिल में बैठ जाती है और फिर

लाख कोशिश करने पर भी

दिल से नही जाती और

मन को परेशान करती है ।

दिल में उस के प्रति नफरत

हो जाती है और बदले कि

भावना जन्म लेती है ।

धीरे धीरे रिश्तों में दरार और

फिर दरार, दिवार बन जाती है ।

जिंदगी दूसवार हो जाएगी ।

ईसलिए किसी कि, किसी भी 

बात को दिलसे लगाने से 

पहेले सोचना जरूरी होता है ।

किसी कि अच्छी बातों को ही

दिलसे लगाना दिल में बीठाना ।

बूरी बातों को न दिल से और 

न मन से लगाना, तो जीवन में 

हमेंशा होगा शुभ और मंगल ।

विनोद आनंद                               28/10/2017     फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

954  ઉત્સાહ જગાઓ

ઉત્સાહ  વગર સફળતા નથી. 

ઉત્સાહથી કામ થાય બરાબર. 

ઉત્સાહથી કોઈ મોટું બળ નથી. 

નિર્માણમાં ઉત્સાહ છે મુખ્ય. 

ઉન્નતિમાં પણ ઉત્સાહ છે મુખ્ય.

કોઈ કાર્ય પૂર્ણ થાય ઉત્સાહથી. 

કોઈ લક્ષ્ય પૂર્ણ થાય ઉત્સાહથી. 

ઉત્સાહ વગરનું કામ બગાડે કે, 

ન થાય કે ન થાય સમયસર. 

ઉત્સાહનો કટ્ટર દુશ્મન નિરાશા, 

ઉત્સાહની પ્રિય સહેલી આશા, 

ઉલ્લાસ ને રુચી ને ઈચ્છા.  

કામમાં રુચી ને ઈચ્છા જગાઓ, 

સફળતાની આશા જગાઓ, 

ઉત્સાહથી ને ઉલ્લાસથી, 

કામની શરૂઆત કરો, 

કામ પૂર્ણ ન થાય ત્યાં સુધી

ઉત્સહીત થઈ કામ કરતા રહો., 

સફળતા તમારી થઈ જશે. 

શર્ત એ છે નિષ્ફળતા અને

નિરાશાને પાસે ન આવવા દો.  

ઉત્સાહ વગર જીવન નિરશ

અને અધોગતિનો માર્ગ. 

ઉત્સાહ જીવનનો આનંદ

ને પ્રગતિનો માર્ગ. 

જીવનમાં ઉત્સાહને જગાઓ

સફળતા અને આનંદ મેળવો. 

વિનોદઆનંદ                         28/10/2017      ફ્રેન્ડ,ફીલોસોફર,ગાઇડ

 

953 Part of life

Problems,troubles,

unhappiness in the

life is inevitable but

suffering is optional.

Don’t get disappointed,

upset and be courageous.

They do come & are the

part of life so try to solve.

Have target & purpose

in the life and live the

life with planning so

problem or troubles

may reduces.

Have good nature and

qualities of human being

so your behaviour is gentle.

This will further reduces

Problems & troubles.

With all these things

we have live happily

peacefully and steadily

to face it and to solve it.

This is the art of living.

Vinod Anand                           27/10/2017 Friend,Philosopher,Guide

952 संकल्प-सृष्टि

संकल्प से सृष्टि

या सृष्टि से संकल्प ।

ईश्र्वरने संकल्प से 

सृष्टि बनाई है ।

सृष्टि का मतलब परिस्थिति

हम परिस्थिति से संकल्पयानि सोचते है, वो सही नहीं ।

संकल्प का मतलब सोच 

सोच से परिस्थिति का निर्माण

सही तरीका है सृष्टि के निर्माण का ।

पहेले संकल्प यानि सोच 

सोच से सृष्टि का निर्माण ।

हम परिस्थिति आधारित

संकल्प करते है सोच ते है

इसलिए परिस्थिति ओर

बीगती जाती है । 

हमे अपनी अच्छि सोच से 

संकल्प करना है तो अच्छि 

बनेगी सृष्टि । अच्छि सोच

अच्छि परिस्थिति और 

अच्छि परिस्थिति यानि

अच्छि सृष्टि का निर्माण ।

संकल्प से सृष्टि सही है ।

सृष्टि से संकल्प सही नहीं है ।

विनोद आनंद                               25/10/2017     फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

951 निराशा

निराशा मानवी का 

महान शत्रू और 

जानलीवा रोग ।

जिस मानवी में, उत्साह

आशा और आत्मविश्र्वास 

कि कमी हो तब निराशा

उसे घेर लेती है ।

निराशा एक नकारात्मक

द्रष्टि कोण उसे हारात्मक

द्रष्टि कोण से देखो ।

निराशा में आशा का दिप

जलाओ तो निराशा का

अंघेरा दूर हो जाएगा ।

निराशा को गले मत लगाओ

उसे मन में पनाह मत दो 

वरना वो जीवन में उदासी, 

अशांति और हताशा भर देगी

और जीवन में आत्महत्या कि

प्रेरणा देगी ईसलिए निराशा

को आसपास भटकने न दो ।

वरना वो छिन लेगी जीने का 

उत्साह और जिजिवीशा ।

सावधान जीवन कि हर

परिस्थिति में उत्साह, 

आशा और आत्मविश्र्वास 

बनाए रखना निराशा को

भगाने के लिए । निराशा 

भगाओ आशा जगाओ ।

निराशा मृत्यु, आशा जीवन

विनोद आनंद                               25/10/2017     फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

950 Life is problem 

Life is problem & life is also

a solution of the problem. 

Every problem have solution, 

we have just try to solve it. 

Don’t be afraid of problem, 

problem is not greater than 

man’s mind power. 

Some problems are due to

nature or created by persons. 

Most of the problems are

due to persons bad habits, 

unplanned life style, bad 

intension and bad nature 

of persons. 

Persons faces lot of problem 

& troubles but never correct 

himself to reduce the problems. 

Problem due to nature can 

also be resolved by ideas,trick

with peaceful mind power. 

Life is not only problem,   

life is also  solution of it.  

Problem is lock then the 

solution is the key to unlock. 

So think of solution not the problem

Vinod Anand                           23/10/2017 Friend,Philosopher,Guide