943 जागो और जगाओ

जगाने के लिए पहले

खूद जागना जरूरी है

ईसलिए जागो और 

दूसरों को जगाओ ।

पहेले आत्मको जगाना है

मतलब आत्मको जानना है  

और समजना है कि हम

शरीर नहीं आत्मा है ।

फिर उस कि शक्ति को

जानना है,  समजना है और 

आत्मविश्र्वास जगाना है ।

बाद में आत्मा के गुणों को

जानना है समजना है और

जगा के आत्मसाद करना है ।

फिर हमें कम, क्रोध, लोभ, मोह, 

मद और मत्सर को भगाना है ।

मोज शोख और एसो आराम

कि गहेरी निंद से जागना है ।

लक्ष्यहीन जिंदगी को जगाना है

और सद् विचारो को जगाना है ।

जीवन में सतत जागृत रहेना है

और दूसरों को भी जगाना है ।

जीवन को महान, अमर और

अदभूत बनाना है ईसलिए

जागो और दूसरों को जगाओ ।

विनोद आनंद                               06/10/2017     फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s