1130 દયાદાન

દયા સદ્ ભાવ દિલમાં
સહાનીભૂતી,પ્રેમ સેવા
ને સર્પમણનો ભાવ જગાડે.
પરમાત્મા દયાના સાગર
આત્મા પરમાત્માનો અંશ
આપણે આત્મા દયાવાન.
ભીતરમાં દયા છે જ ફક્ત
દયા ને જગાડવાની છે.
દયા ધર્મનું મૂળ છે અનેે
છે પુણ્યની પરબ.
દયા કરો દીન બનો તો
બનશો દયાવાન.
દયા કરો ને જરૂરતમંદ
વ્યક્તિને મદદ પૈસાની
પ્રેમની કે સમયની કરો.
દયા કે દાન યોગ્યતા કે
પાત્રતા પ્રમાણે આપવું.
છૂપુ દાન ઉત્તમ કહેવાય.
દાનનો ઢંઢેરો ન પીટાય
કે તક્તી ન મુકાય.
ન આવે અભિમાન દાન
થી તેનું ધ્યાન રહે.
વિનોદ આનંદ 30/03/2018
ફ્રેન્ડ,ફિલોસોફર,ગાઈડ

1129 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-55

🌻 आईना
गीत खुशीयों का गाते रहोगे तो
जिंदगी आनंद मे गुननाती रहेगी
मुस्काराते रहोगे तो जिंदगी
हर पल हसाती रहेगी ।
मन में शांति जगाते रहोगे तो
जिंदगी शांति देती रहेगी
जिंदगी आईना है जैसे होंगे
एसा दर्शन कराती रहेगी ।
🌹 सिर्फ
सिर्फ स्वप्नों से सफलता
नही मिलती स्वप्नों को साकार
करना होग । स्वप्नों को
अरमानो से सजाना होगा ।
सिर्फ अरमानो से सफलता
नही मिलती कोशिश से
अरमानों को साकार बनाना
होगा तब आके मिलेगी सफलता ।
🍀 संगम
जैसे गंगा,यमुना और सरस्वती
के संगम से तीर्थ स्थान बनता है
एसे जिंदगी में सत्य, प्रेम अहींसा के
संगम से स्वर्ग बनता है ।
🌺 सूरज
जिंदगी को सूरज कि चमकाना है
तो परिस्थितियाँ अनुकूल होन
न हो मगर द्रष्टिकोण को
मजबूत बनाना होगा ।
करना है चमत्कार तो
चरित्र को सूरज कि तरह
चकमाना होगा ।
विनोद आनंद 29/03/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1128 Powr Of Relax

Relax is powerful tools
for body & mind when
we get tired or worried.
Relax is cheap medicine
to become tension free.
Just give rest to body &
make mind thoughts less.
Whenever any body excited
or angry or in tension say
” Be Relax ” and peaceful
instead of “Don’t worry”.
It gives temporary relief
from situation or events.
Then think & face the
situation or Problem
Relax is First Aid before
man receives treatment
for worries and tension
In any situation use
tablet of “Relax” so body
gets rest & mind become
steady for facing problem.
Relax releases pressures
and stops depression.
Don’t forget to be Relax in
worst condition to control
first your self then situation.
Vinod Anand 28/03/2018
Friend,Philosopher,Guide

1127 होस हौसला और हिम्मत

होस हौसला और हिम्मत
का त्रिवेणी संगम और कडी
महेनत जीवन में सफलता
कि गेरंटी है,न कोई संदेह ।
होस हौसला और हिम्मत से
नामुमकिन को मुमकिन बना
शकते हो ।
जवानी का जोस होता है
मगर होस न हो तो बेहोशी
छा जाती है, हौसला और
हिम्मत सो जाती है तो
नाकामीयाबी रंग लाती है ।
होस से हौसला, हौसले से
हिम्मत, हिम्मत से साहस
साहस से उमीद जागती है तो
कोई भी काम कर शकते हो
और सफलता कदम चूमने
लगती है । होस हौसला और
हिम्मत जाहँ वहाँ निष्फलता कि
चिता जलती नज़र आती है ।
जिंदगी में सही तरीके से जीना है
तो तीनो का गठबंधन जरूरी है ।
विनोद आनंद 27/03/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड