1191 सही सोच सही काम

सही सोच सही काम,
सही काम कठीन काम ।
गलत सोच गलत काम
गलत काम सरल काम,
सही काम सरल नही है ।
गलत काम सरल होता है ।
जैसे एक पिता पुत्र को
गलती के लिए डांटे तो
पुत्र स्वीकार करे और
माफी मागे वो सही काम
और वो काम है जरा कठीन ।
अगर पुत्र गलती न स्वीकरे
और वो भी गुस्सा करे तो यह
सरल काम लेकिन गलत काम ।
जिंदगी में कुछ भी बोले या करे
सोचकर सही है वो बोलेे या करे
सरल और गलत है वो न करे ।
सही काम और सरल काम पर
सही सोच से करे तो जिंदगी में
सफलता मिलती हि रहेगी ।
विनोद आनंद 29/05/2018
फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

1190 Good Decision Maker

What are the qualities of
Good Decision Maker ?
Good decision maker
takes right decision at
right time & succeed.
Such decision maker
must have qualities of
taking quick decision with
confidence but not in haste.
Decision maker must have
quality of self commitment &
confideance on his decision.
Decision maker must be
thoughtful & does analysis
before taking decision.
He also takes advise and
opinion of proper person
before taking decision.
Last is he stands firmly
and try to prove it right.
Vinod Anand 27/05/2018
Friend,Philosopher,Guide

1189 Execution

Execution is implemention
of the work to achieve taget.
You have target with plan
but unless you execute it
you can’t achieve the taget.
Only targer & plan on paper
is theory of success but
to execute the plan with
implementation is pratical
to achieve the target.
So don’t delay or have gap
beweent plan & execution.
Execution is key factor to
achieve the taget & success.
Problem-hurdle in executions
sholud be seen before seo you
can think of remedy in advance.
Be conscious about execution.
execution is Father of Success.
Vinod Anand 29/05/2018
Friend,Philosopher,Guide

1188 कब तनाव जन्म लेता है ?

तनाव जिंदगी का हिस्सा है ।
तनाव का कारण है निवारण ।
निवारण के लिए जरूरी है जानना
कि तनाव कब जन्म लेता है ?
अनैतिक व्यवहार या व्यापार से
जिंदगी में तनाव जन्म लेता है ।
नैतिकता हि निवारण है
तनाव से बचने जिंदगी में ।
जिंदगी में स्त्री और पुरूष के बीच
सांसारिक मर्यादा के उल्लंघन से
जिंदगी में तनाव जन्म लेता है ।
सांसारि मर्यादा का पालन हि
निवारण है तनाव से बचने का ।
अशिस्त,आयोजनहीन जीवन से
जिंदगी में तनाव जन्म लेता है ।
शिस्त,आयोजनयुक्त जीवन हि
निवारण है तनाव से बचने का ।
तुम्हारा नकारात्मक वलण
और निराशाजनक वलण से
जिंदगी में तनाव जन्म लेता है ।
सकारात्मक, आशावादी वलण
हि निवारण है तनाव से बचने का ।
जिंदगी के मूळभूत सिध्धांतो का
अभाव, और मन का असंयम से
जिंदगी में तनाव जन्म लेता है ।
मन पर संयम और समतुल हि
निवारण है तनाव से बचने का ।
खानपान का अति और कसरत का
अभाव, बहार के खानेसे और तन
मन बिगडने से जिंदगी में
तनाव जन्म लेता है ।
योग्य खान पान, कसरत और
स्वस्थ तन मन हि, निवारण है
तनाव से बचने का ।
दिन का 24 घंटे का जिंदगी में
असमतुलन, अयोग्य वितरण से
जिंदगी में तनाव जन्म लेता है ।
समय का समतुल योग्य वितरण
हि निवारण है तनाव से बचने का ।
तनाव का जन्म हि न हो तो वो हि
सर्व श्रेष्ठ निवारण है तनाव का ।
तनाव पैदा करके निवारण ढूँढना
कहाँ कि बुध्धिमत्ता है ।
विनोद आनंद 26/05/2018
फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड