1312 Life Partner

Life partner may makes
your life happy or may
not makes your life happy,
If you take it, luck by chance.
If you select right life partner
or become good life partner
then you can becoming happy.
What are the qualities of
life partner must be .
– Life partner must be loyal
& must respect each other.
– Life partner must have trust
and have faith on each other.
– Life partner should think of
each other instead of for self.
– Life partner must accept his
partner what ever he may be.
– Life partner must be positive,
optimistic, support each other.
– Life partner must not complain
& see bad quality of each other.
– Try to understand each other
as both are made for each other
and should live for each other.
Life partner must love, share &
care for each other.
Live like ideal life partner.
Life partner must have mixing,
forgiving & loving nature.
Be a Ideal Life Partner.
Vinod Anand 30/09/2018
Friend,Philosopher,Guide

1311 युवा क्या है ?

-युवा अपने मात पिता का
स्वप्ना, उमीद, और सहरा है
युवा देश कि दौलत है,
भविष्य का निर्माता है
देश कि आन, शान है ।
लेकिन उने जिवन का
निर्माण करना मात पिता
शिक्षक और देश का फर्ज है ।
युवा अपने जिवन निर्वाह
और निर्माण कि जिम्मदार
खुद नही उठाता तब तक
युवा और देश का भविष्य
उज्जवल नही बन शकता ।
निर्वाह के लिए बडी डीग्री
मिल जाती है और नौकरी या
व्यवसाय कर लेता है युवा ।
उनके जिवन का निर्माण
कौन करेगा, कौन जिम्मेदार है ।
निर्माण का मतलब नैतिकता
प्रमाणिकरता, अनुशासन,
और मानवता का पाठ और
संस्कार से एक आदर्श व्यक्ति
कौन बनाएगा ? कैसे ?
देश में आदर्श व्यक्ति का
निर्माण नही होता तब तक
समस्या, मुशीबतें बढेगी तो
परिवार, समाज और देश के
भविष्य का निर्माण कैसे होगा ?
युवा को अपने व्यक्तित्व का
विकास करना आवश्यक है ।
उज्जल भविष्य का बीज़ है
युवा का व्यक्तित्व विकास ।
विनोद आनंद 29/09/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1310 अपराध बढ रहे है क्यूँ ?

चोरी, धोका, आत्महत्या, हत्या,
बलात्कार और अकस्मात
जैसे अपराधे बढ रहे है क्यूँ ?
समजना, सोचना है कि उस कि
वज़ह क्या हो शकती है और
अपराध को कैसे रोक शकते है ।
– पहेली वज़ह महेगाई और महेंगे
शोख और एसो आराम कि
कामना, फिर आर्थिक भींस,
तनाव और चिंता इन्सान को
अपराघ करने को प्रेरीत कर है ।
– दूसरी वज़ह ईन्सान का क्रोध
असंतोष और स्वार्थ अपराध
करवा शकता है ।
– तीसरी वज़ह इन्सान का लोभ
ओर ज्यादा प्राप्त करने कि लालच
अपराघ का रास्ता दिखाता है ।
– चौथी वज़ह है ईन्सान का मोह
वासना,नफरत, ईर्षा बढ जाती है
तब वो पागलों कि तरह अपराघ
करता है और फिर फंस जाता है ।
– पाचवीं वज़ह है ईन्सान का
अहंकार जिस के नसे में ईन्सान
बडे बडे अपराध कर देता है और
पैसों के बल पे भष्टाचार के जरीए
बच जाता है,ओर अपराध करता है ।
– छठ्ठी वजह है ईन्सान कि गलत
आदतें, बूरी भावनाए और विकृत
पसंदगी और जीवन शैली ।
सोचो अगर ईन्सान काम कोध्र लोभ,
मोह मद और ईर्षा जैसे जानी दुश्मन
कि हत्या करे तो ईन्सान अपराघ
के रास्ते पे कभी नही जा शकता ।
ईन्सान में ईन्सानीयत लौट आए तो
अपराधों का काँरवा थम शकता है ।
अगर शासक बढती मँहेंगाई पर
रोक लगाने पर कार्यवाही करे,
व्यक्ति अपना व्यक्तित्व विकास
करे और अपनी जिम्मेदारी निभाए
तो अपराध कम हो शकते है ।
विनोद आनंद 29/09/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1309 કારકિર્દી લક્ષ્ય

કારકિર્દીનું લક્ષ્ય કેવી
રીતે નક્કી કરવું ?
જીવન નિર્વાહ માટે
કારકિર્દીનું લક્ષ્ય
રાખવું છે આવશ્યક.
જીવનમાં શું બનવું છે,
નિર્ણય લેવો છે જરૂરી.
સાચો, યોગ્ય, સમયસર
નિર્ણય લેવો છે આવશ્યક .
અભ્યાસ દરમ્યાન દશમાં
ધોરણ પહેલા નિર્ણય
લેવો જરૂરી-આવશ્યક છે.
નિર્ણય લેવાનો આધાર
ગમતો-આવડતો વિષય,
સ્વ ઇચ્છા, ભવિષ્યમાં
સ્કોપ, સર્વેને માન્ય અને
આર્થિક ક્ષમતા પર છે.
બીજી આવશ્યક વાત છે
જ્ઞાની અને અનુભવ
વ્યક્તિનો અભિપ્રાય.
તે પછી પણ નિર્ણય તો
પોતેજ લેવાનો છે.
કારકિર્દીનું લક્ષ્ય જ
જીવન લક્ષ્ય હોવુ જોઇ.
વિનોદ આનંદ 28/09/2018
ફ્રેન્ડ,ફિલોસોફર,ગાઈડ