1356 दिल तक पहोंचे का रास्ते

दिल तक पहोंचना है तो कैसे ?
दश रास्तें, दिल तक पहोंच ने का ।
* पहेला रास्ता है होठों पे मुसकान ।
मुस्कारओ, दिल में उतर जाओ ।
* दूसरा रास्ता है मीठे बोल ।
दिल को प्रेम भाव भर दो ।
* तीसरा रास्ता उस के स्वभाव
अनुसार व्यवहार करो और
अच्छे काम बखाण करो ।
चौथा रास्ता है शिकायत
मत करना ।
* पाचवाँ रास्ता है बार बार
मिलो और हाल चाल पूछो ।
* छठ्ठा रास्त है दुःख में साथे
रहो और मदद करो ।
* सातवाँ रास्ता कभी याद करके
फोन करो संबंध ताजा करो ।
* आठवा रास्ता कभी कभी घर पे
बुलाओ, खाना खिलाओ,आदर
सत्कार करो ।
* नववाँ रास्ता है साल में एक
बार साथ पिकनीक करो ।
* दसवाँ रास्ता कभी गेर
समज हो तो दूर करो या भूल
हो जाए तो माफि मागीलो ।
यह सब रास्ते मिल कर
एक रास्ता तैयार होता है
जो किसी के दिल तक
पहोचता है ।
विनोद आनंद 31/10/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1355 योग्यता और चारित्र

योग्यता और चारित्र
दोनों से जिंदगी बनती है ।
योग्यता से कारर्किदी और
चारित्र से ईज्जत बनती है ।
योग्यतासे जिंदगीका निर्वाह
होता है और चारित्र से निर्माण ।
योग्यता से धन और चारित्र से
मान सन्मान मिलता है ।
दोनें से सब कुछ पा शकते हो ।
योग्यता पढाईसे और चारित्र
संस्कार से आता है ।
दोनों का विकास अभ्यास
काल दरम्यान हि करना है
तो जिंदगी समृध्ध बनेगी ।
चारित्र के लिए सद् गुणो
अच्छी आदतें, भावनाओ
का निर्माण करना है ।
गृहस्थ आश्रम में यह नहि
कर शकते क्यूँकि तब तक
तुम्हारा खराब स्वभाव,
आदतें और भावनाए और
नकारात्मक द्रष्टिकोण ईतना
द्दढ हो जाएंगे कि बदलना
कठीन हो जाएगा और एसा
करनेे कि फूरसद नही होगी ।
योग्यता है और चारित्र खंडीत है
तो जिंदगी कठीन और चरित्र है,
योग्यता नही तो कमाई कम है
तो भी जिंदगी कठीन बनेगी ।
योग्यता से सफलता, चारित्र से
सफलता बनी रहती है ।
जिंदगी में योग्यता और चारित्र
दोनों का लक्ष्य रखना चाहिए ।
विनोद आनंद 30/10/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1354 Student & Study

* Student & study have
relation like relation of
devotee toward God.
So dedication of
student to study is
like prayer to God.
To study is basic
need of the student
like basic need of
person to survive.
If it is not fulfilled
then he is not
called a student.
First responsibility
& the first priority of
student must be study.
If student live comfort
& luxurious life then
future will be poor &
dark with hardships.
So don’t think and
live luxurious life to
become Ideal, best &
excellent student for
bright & comfotable
life in future.
Purpose of Student
life is to built career &
character which is the
base of family life.
If base is weak then
failures in family life.
Be aware and awake
of this fact & reality.
Vinod Anand 30/10/2018
Friend,Philosopher,Guide

1353 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-70

🌻अधिकार
नही होता है, जो सोचते है
तो क्या सोचना कर दे बंध ?
सोचना ईन्सान का अधिकार है
नही सोचता तो कुछ नही पाएगा
सिर्फ सोचना नही, बडा सोचना ।
बडे सोच को स्वप्ना बनाओ ।
परिश्रम से स्वप्नको साकार
करो तो जो सोचा, वो बनोगे ।
ना मुनकिन है कुछ बनना
अगर सोचे गे नही ।
🌹 कर्तव्य
लडते है हम अधिकार कि
लडाई तो रिश्ते हार जाते ।
हार कर रिश्तें, जिंदगी से
कैसे जीत पाओगे ?
जिंदगी से जीतना है तो
रिश्तों को जीतना होगा
रिश्तों को जीतना है तो
कर्तव्य कि लडाई लडो ।
🍁 वर्तमान
कल गया उस कि बात
करते, जो अब नही है ।
आने वाले कल कि बात
सोच ते है जो अब नही ।
दो के बीच वर्तमान खाली
हाथ चला जाता है ।
वर्तमान का दामन कर्मो से
भरदो तो बनेगा भविष्य ।
🍀 क्यूँ कि
जो सोवत है वो खोवत है
खोने के नाम नही जिंदगी ।
पाने नाम है जिंदगी ।
जिंदगी मे कुछ पाना है
तो जागते रहो क्यूँ कि
जो जागत है वो पावत है ।
विनोद आनंद 30/10/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1352 Acceptance Vs non Acceptance

-Grow of Life depends on
two words Acceptance &
Non-Acceptance.
Acceptance is right choice,
Non-Acceptance is wrong.
Choice is yours which
you accept & practice.
Right choice growth or
Wrong choice no growth.
If you accept situation
it become challenges
otherwise problem.
if you accept event take
place in life it become
adventure otherwise fear.
Some one promtion,
if you donot accept it
become jealousy otherwise
it become inspiration.
Practice 21 days for
right choice of acceptance
for growth & happiness.
Vinod Anand 29/10/2018
Friend,Philosopher,Guide

1351 Parenting

Parenting is the total
responsibility of parents
for child growth, nuturing
nourishing & educating.
Parenting is Combined
responsibility of mother
and father together.
There are stages of child
like baby, kid, child, Grown
up child and adults etc.
Initially responsibility
of child is of mother
in babay – kid stage.
Qualities of parent must
be of ideal person, So
their quality inherit into
their children make easy
fine & nice parenting.
Parenting is continuous
action with awareness
& with alertness mean
While parenting donot
speak bad words, don’t
behave rudly & don’t
tell lies infront of child.
You have to do good
programming in child
unconcious mind.
Always be good person &
roll model for your child.
Have passion while dealing
with child, don’t insult him,
explain him, convinece him
and appreciate his action.
Handle him with care like
glass for their bright future.
Parenting is Divine work
given by good do it perfectly
Vinod Anand 28/10/2018
Friend,Philosopher,Guide

1350 સૂર્યાસ્ત વિવેકનો

સૂર્યાસ્ત થાય વિવેકનો
તો થાય રાત્રી ગેરસમજની .
થાય રાત્રી ગેરસમજની તો
ફૂલ મુરઝાય સંબંધોના.
મુરઝાય ફૂલ સંબંધોના તો
દુર્ગંધ ફેલાય નફરતની
દુર્ગંધ ફેલાય નફરતની તો
ઘર બને નર્ક.
ઘર ઘર બને નર્ક તો
ઘરતી બને નર્ક.
સૂર્યાસ્ત થાય વિવેકનો
થાય અંધારુ કપટનું જીવનમાં
થાય અંધારુ કપટનું જીવનમાં
તો થાય પ્રકાશ દૂર જ્ઞાનનો
થાય પ્રકાશ દૂર જ્ઞાનનો તો
પથરાય અંધકાર અજ્ઞાનનો.
પથરાય અંધકાર અજ્ઞાનનો
તો ઘર ઘર પ્રગટ થાય શૈતાન.
વિવેકનો સૂર્યાસ્ત ન થવો જોઈએ.
વિનોદ આનંદ 27/10/2018
ફ્રેન્ડ,ફિલોસોફર,ગાઈડ