1513 Needs of Human being

Need of Human being to
survive…Air,Water & Food.
and for safety House.
Another need of human
being to live peacefully
happily & successfully….
* Humam being need love
care, compassion and
support from others.
* Humam being need his
importance and his value.
* He need appreciation and
certifacate of what he does.
* He also need growth and
status in the society.
* He also want that every
body listen, understand,
follow him & respect him.
* He want miracle,surprise
to become more happy.
As such there so many
needs of human being but
these are common needs.
Every needs may not fulfill
but human being need to
develop satisfaction to
remain happy & peaceful
in every situation arises.
Vinod Anand 28/02/2019
Friend,Philosopher,Guide

1512 अफसोस

ईन्सान को अफसोस,
फिर पस्तावा कब होता है ?
सब कुछ लुटा के होस में
आया तो अफसोस हुआ कि
काश मैंने एसा नहि करता
तो, एसे हालात नहि आते
और फिर पस्ताना पडता है ।
गुस्सा में कुछ एसी दुःखद
घटना हो जाती है कि बाद में
अफसोस हिस्से में आता है
फिर पस्ताना पडता है, फिर
भी गुस्सा करना नहि छोडते ।
जल्द बाजी में निर्णय के बाद
निर्णय सही नहि तो अफसोस
होता है फिर होता कि कास मैं
जल्दबाजी में निर्णय न लेता ।
अपनों कि बातें नहिं सुनना,
मनमानी करे जिद्द करना फिर
असफल होने पर अफसोस
करना और पस्ताना, लेकिन
जिद्द और मनमानी न छोडाना ।
अभिमान या अहंकार या ईगो
कि बहज़ सबसे दुश्मनी करना
फिर अफसोस करना, पस्ताना
लेकिन अहंकार-ईगो न छोडना ।
एभी क्या जीना है कि अफसोस
करके पस्ताना पडे ।
वो हि जीना बहेतरीन है जहाँ
न अफसोस, न पस्तावा हो,
सिर्फ आनंद और संतोष हो ।
विनोद आनंद 28/02/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1511 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-84

🌹 निशाना
जिंदगी का निशाना तुम्ह हो
कभी वो खुशी कि या कभी
गम कि गोलियाँ छोडती है ।
खुशी कि गोलियाँ हसाती,
गम कि गोलियाँ रूलाती है ।
खुशी में तो सभी हसते है ।
गम कि गोलियाँ से बचने के
लिए हसी खुशी का बखतर
पहेनकर जिंदगी को अपना
निशाना बनाकर सफल होना है ।
🌻 हिसाब रखना
आप कि खुबसूरती से, खुबीयों से
और अच्छे व्यवहार से कितनों को
खुश किया है उस का हिसाब न
रखो तो कोई बात नहिं लेकिन
बुरी आदतों और बुरे व्यवहार से
कितनों को दुःखी किया है ईस का
हिसाब जरूर रखना क्यूँ कि वो
दुःख दूसरों को दिया है वो हि दुःख
वापीस आएगा जरूर,रहेना तैयार ।
🍁 निर्णय
दु:ख दर्द देता तो सहन करने
कि शक्ति को भी बढाता है ।
दुःख आवश्यक है अनिवार्य है
वरना सुख कि खुशी का
अहेसास कैसे होगा ।
जिंदगी सुख दुःखों का निवास है ।
सुख कि खुशी को सँभालकर रखो
जो दुःख दर्द में मरहम बन जाए ।
दुःख दर्द को रोक नहि शकते
उसे दुःखी नहि होने का निर्णय
हम ले शकते है, खुश रह शकते है ।
विनोद आनंद 27/02/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1510 Relationship

People live in relationship.
Man is social animal can’t
live without relationship.
Relationship is necessary
and very important to live.
There are Many relationships
like social & business
built except relationships
built by birth while living.
Except birth relationship
other are our choice or
we have to be awake and
conscious while bulding
& also to make it strong.
There are eight norms
to be followed positively.
* Habit of appreciation
* Honest & transparent
while dealing with money.
* Don’t be a fault finder &
complainers.
* Keep your promises.
* Intesion to be give more
than what you got.
* Be regular be on time.
* Don’t use excuses.
* Honour and respect
relationship & be positive.
Vinod Anand 26/02/2019
Friend,Philosopher,Guide

1509 विचारों का विज्ञान-2

विचारों का विज्ञान-1 से आगे
ओर विचारों के बारे में जाने ।
* दुनिया एसी नहि है जैसी
दिखती है दुनिया एसी है जैसे
आप है, आप के विचार है ।
दुनिया हमारे विचारों का
आईना है शिकायत मत करो ।
* सब कुछ भरभूर है ,जो भी
कमी है उस में कोई मूळभूत
विचार या गलत मान्यता या
शंका कुशंकाओ का हाथ है ।
कमीयों का ज्रीक मत करो ।
* जबतक आप नहि चाहते
तब तक दूसरों के विचारों
का असर आप पर नहि हो
शकता अगर आप होस है ।
* आप के विचारों जल्द प्रगट
होने के लिए आप के भाव
विचार, वाणी और क्रिया का
एक रूप होना जरूरी है ।
विचारों के विज्ञान से निर्माण
करना है तो होस में रहेना है,
तो हि सकारात्मक विचारों से
भविष्यका निर्माण कर शकेगे ।
विचारों का नियंत्रण हि निर्माण है ।
विनोद आनंद 24/02/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1508 विचारों का विज्ञान-1

विचारों का विज्ञान हि
सकारात्मक विचारों का
निर्माण कर शकता है ।
उसे जानोगें, मानोगें और
समजोगें तो होंगे कामीयाब ।
* विचारों निर्माता है व्यक्ति
के भविष्य का जो मन में
पैदा होते है और दिन में
साठ हजार विचार आते है
चाहे अच्छे हो या बूरे,ज्याद
नकारात्मक विचार होते है ।
सजाग रहे कर बूरे विचारों
का अस्वीकार और अच्छे
का स्वीकार करना है ।
* दुनिया में जो भी निर्माण
हुआ है या होगा वो पहेल
विचारों में निर्माण होता है ।
* जो विचार जोस, होस में
आता है और अगर कोई
विरूध्ध विचार न आए तो
वो विचार हकिकत बनता है ।
* उस विचार पर ध्यान दो जो
जो आपको चाहिए, उस पर
ध्यान न दो जो नहि चाहिए ।
* एसा विचार न करो कि में
बिमार नही पडुगा, विचार
करो कि मैं स्वस्थ रहूँगा ।
ओर भी है कुछ बाकी, सब्र
करो ईन्तज़ार करो, धीरज
के फल होते है मीठे । क्रमशः
विनोद आनंद 24/02/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1507 Be Independent

Be independent because
dependent cann’t progress
and get success in life.
“Be independent” must be
the target while achieving
any other goal of the life.
Depending on other for
success in life is dream
of night when you sleep.
In beging you may need
help from other, but later
don’t create dependancy.
Dependancy is the seed
of failure because it
turns into weakness.
It is better to take help
and advise from other
but do self activities to
become independent of
any body or any things.
Otherwise no body will
trust, respect you and
become unsuccessful.
Vinod Anand 23/02/2019
Friend,Philosopher,Guide