1552 Management of body-2

Further to management
of body-1 post before.
Second portion of body is
Management to manage
the first portion of body
that is all ten senses, to
manage & control their
action,reaction & activity.
Mind as supervisor,intellect
as decision maker and soul
power as controller-owner.
Mind supervises senses.
for their action, reaction,
behaviuor and demand.
In complicated issues &
decision mind must consult
intellect & owner for it’s
permission & accordingly
mind must control senses.
Mind cannot take any
decision & cannot give
permission directly to
senses. But mind does
this, permits senses to do
whatever they like to do.
This status of mind is
called uncontrolled mind.
Mind must on pass order
recevied from intellect-owner
to further action & reaction
to senses strickly for action.
This status of mind is called
contrlled mind. Controlled
mind is the best supervisor.
Follow this proccesure for
better body management &
happy & peaceful life.
Vinod Anand 30/03/2019
Friend,Philosopher,Guide.

1551 Management of body-1

Management of Body is
‘like management in the
facorty & any field or area.
Body is biggest factory
in the world with special
products. We will deal it’s
Management portions &
it’s heirachy & their duties.
There are two portion of
body first is at worker level,
five senses of knowledge.
They are eye,nose,ear, skin
& tongue stores knowledge.
Another five senses for action
or function.(hand,feet,mouth
to do useful work and other
two have internal control.)
Second portion,management
level, refer my next post on
Management of body-2
Don’t miss it to read.
Vinod Anand 30/03/2019
Friend,Philosopher,Guide.

1550 शेर शायरीयों का गुलदस्ता-88

🌻 कोलु का बैल
चलते रहो, चलते रहो
मंझिल चलके पास
नहि आएगी ।
तुम्हे हि चलके मंझिल
तक पहोचना है ।
मंझिल नहि और चलते
रहेना वो भटकना है
चलना नहि । कितना
भी चलो वो तो सब
कोलु का बैल कि भाँति,
कहि नहि पहोच पाओगे ।
🌹 महोबत
महोबत कोई चीज़ नहि
जज़बा है जिस कि कोई
जोड नहि हमे उसे बेढंग
बना दिया है । महोबत
का ढंग-मिज़ाज समझले
तो महोबत सार आजाएगी ।
🍀बारात
होंठो पे दर्द भरी दास्तान
चली आई और होंठ से
खुशियों कि बारात लौट गई ।
दर्द कि बारात लौटा दो तो
लौट आएगी खुशियों कि बारात ।
🌺 बाज़ार
किसी को महोबत
भी राश नहि आती
क्यूँकि उसे समजने
के लिय जज़बात चाहिए ।
महोबत करने कि हिमंत
और होसला चाहिए
कहाँ से लाओगे वो
बज़ार में नहि मिलता
उसे जगाना पडता है ।
विनोद आनंद 29/03/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1549 अहंकार

अहंकार क्या है ?
अपने को समष्टि से अलग
समझना और ओरो से
अलग समझना चाहे
अच्छे हो या बुरे वो
हि है अहंकार ।
यह काम मैने किया है
मेरे सिवा कोई नहि
कर शकता वो सोचना
हि है अहंकार ।
कर्तापणा का भाव
हि है अहंकार ।
आत्मियता का अभाव
हि है अहंकार ।
जीवनमे सरलता, नम्रता
का अभाव है अहंकार ।
अपना पन और सहजता
का अभाव अहंकार है ।
अहंकार से मुक्ति कैसे ?
सभी अभाव से मुक्ति हि
अहंकार से मुक्ति है ।
कर्तापणा के अभाव से
हि है मुक्ति अहंकार से ।
अहंकार पतन का रास्ता ।
अहंकार न किसी का
टिका है न टिकेगा ।
अहंकारी को न परिवार,या
न समाज करता है पसंद।
ईश्र्वर को न अहंकार या
न अहंकारी पसंद है ।
अगर भक्त को या देवता
को अहंकार आता है तो
जल्द हि ईश्र्वर लीला करके,
अहंकार से मुक्त करता है ।
अहंकारी न बनो, नम्र बनो ।
विनोद आनंद 28/03/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1548 यह कभी नहि कहेना

यह कभी न कहेना कि
मेरा नसीब खराब है,
कयूँ कि नसीब तुम्हारी
हि लिखी हुई कहानी है
जो तुम जी रहे हो ।
हो शके तो जीते जी
एक अच्छी, जैसे चाहो
एसी कहानी लिखो कर्म
कि कलम से तो, फिर
नही कहेना पडेगा मेरा
नसीब अच्छा नहि है ।
यह न कहेना कि यह
काम मैं नहि कर शकता
क्यूँकि एसा कहने से
मन वो काम नहि करेगा ।
हो शकेतो कहो यह काम
आसन है मैं करूँगा,तो
मन ना नहि कहेगा और
तुम काम कर शकोगे ।
यह मत कहेना कि मुझे
कोई प्यार नहि करता
क्यूकि प्यार के बदले में
हि प्यार मिलता है ।
प्यार करके देखो फिर
नहि कहेना पडेगा कि
कोई प्यार नहि करता ।
यह न कहेना कोई मुझे
नहि समझता क्यूँ कि
हमे खुद को समजना है
फिर दूसरों को तब सब
तुम्हे समझेंगे ।
यह न कहेना कि जिंदगी
कठीन है क्यूँ कि कठीन
कहने से जिंदगी आसान
नहि बनेगी । हो शकेतो
कहेना कि जिंदगी आसान है ।
तो लगेगी जिंदगी आसान ।
जो कुछ नहि कहेने को कहा
है बस एसा न कहे ।
विनोद आनंद 27/03/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1547 Effective Powerful words

Every words have it’s power
& effective may be negative
or positive. But the use of
right words at right time is
matter of undersanding,
self experience & feeling.
Some words together give
special effective in making
your life happy & peaceful.
Have attitude of gratitude
to say word, like Thank you
or Sorry Whenever needed.
Others words are ‘ It’s ok ‘
‘Never mind’ at proper time.
Have attitude of Forget and
Foregiveness, life changing
words if implemented.
Other words are Don’t give
up, Be positive, Be aware,
Be awake, Be alert, Be active
Be passonate which are also
life changing words will make
life happy,peaceful & success.
Vinod Anand 26/03/2019
Friend,Philosopher,Guide.

1546 Healthy Life

Healthy Life is summation
of healthy body, healthy
mentally emotional mind ,
family and society relation
and spirituality health.
Healthy conscious deit,
excercise, pranayam and
meditation for healthy body.
Health problems are created
my emotional and mental by
unhealthy mind.
Excess thinking & emotions
comes from excess and
unrealistic expectation from
family, friend and colleagues.
We feel bad, get angry and
get irritate, so both body and
mental health will be affected.
If you can leave unrealistic
expectation & control your
emotions then both body
and mental emotion health
will be alright. In family follow
the rule of love share & care.
Do social warefare activity
unconditionally for society.
For Healthy spirituality first
belive, love and Pray God.
Any thing recevieved in life,
accept it as a grace of God.
Thanks God what ever you got.
If body, mental-emotion,
family, society & spiritual
health is maintained then
Healthy Life is the result.
Be healthy & Be happy.
Vinod Anand 26/03/2019
Friend,Philosopher,Guide.