1784 चाबी

जैसे हर एक ताले कि
चाबी होती है एसे हर
एक समस्या के हल
कि चाबी और हर एक
सफलता कि चाबी होती है ।
मगर चाबी ढूँढनी पडती है ।
हर समस्या और सफलता
कि चाबी मिले तो समझो
कि किस्मत के ताले कि
चाबी मिल गई ।
जो समस्या कि चाबी अपने
हाथ में नहि उसे दूसरी चाबी
से खोलने कि कोशिश न करो,
परिस्थितिका स्वीकार करके
जीने कि आदत बनालो जिसे
दुःख महेशूस नहि होगा सुखो
कि बारिश होगी ।
समस्या से डर गया समझो
दुःखी हो गया ।
कोई समस्या ईन्सान से बडी
नहि, जैसे हर ताले कि चाबी
होती है एसे हर एक समस्या
कि चाबी यानि हल होता है ।
हल ढूँढना के खुश रहेना हि
सहि जीने सहि तरिका है ।
विनोद आनंद 11 /11/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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