1785 मौत बन जाए ।

ईतना न सोचो कि सजा बन
जाए और सजा मौत बन जाए ।
ईतना न हसना कि मजाक बन
जाए और मजाक मौत बन जाए ।
ईतनी महोबत न करना कि मजबूरी
बन जाए और मजबूरी मौत बन जाए ।
ईतना लोभ न करना कि लालच बन
जाए और लालच मौत न बन जाए ।
ईतना व्यस्थ न रहेना कि अस्तव्यस्थ
हो जाए और जिवन व्यर्थ बन जाए ।
ईतनी तारिफ न करना कि तूफान बन
जाए और तूफान मौत बन जाए ।
ईतनी बातें न करना कि बकवास बन
जाए और बकवास मौत बनजाए ।
ईतना क्रोध न करना कि जहर बन
जाए और जहर मौत बन जाए ।
ईतनी आलस न करना कि आपत्ति
बनजाए और आपत्ति मौत बन जाए ।
ईतना न रोना कि हसना भूल जाए
और रोना तुम्हारा मौत बन जाए ।
जो भी हो, हद से ज्यादा न करो कि
अति बनजाए और अति मौत बनजाए
विनोद आनंद 11 /11/2019
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

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