1236 हा या ना कहेना है ?

जिंदगी में कई पल आते है,
ना या हा कहेने का, हम उसे
बीना सोचे ना या हा कह देते है
फिर गलत सबित होता है और
पस्ताते है, जिंदगी कि परीक्षा में
नापास और नासीपास होते है ।
जहाँ ना कहेना है वहाँ हा और
जहाँ हा कहेना वहाँ ना कहते है
और जिंदगी में दुख आता है ।
शीखना है हमे सही समय हा
या ना कहेना,बस थोडी धीरज
और समतुलन से विचार करके
हा या ना कहेना है ।
बच्चे छोटे होते है तब वो सिर्फ
हा हि सुनते है, मा बाप को बच्चों
को कभी कभी ना भी कहेना है ।
सब बातों में आप हा कहोगे
तो असली जिंदगी में वो ना नही
सुन पाएगें और होगा दुःखी ।
सब को ना सुनने कि सहन
शक्ति का विकास करना होगा ।
हा या ना का खेल आ गया तो
समझलो जिंदगी जीना आ गया ।
ना धूप, तो हा छाँव है दो के साथ
साथ सोच समज कर है जीना ।
विनोद आनंद 15/07/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

Advertisements

1235 Be a human being

How be a human being.
Be positive & optimistic.
Be happy & peaceful.
Be honest & faithful.
To become human being
Be active & ready.
Be conscious & sensitive.
Be aware & be adoptive.
Be awake & sincere.
To become human being
Be Passonate & energetic.
Be hopeful & helpful.
Be talented & concerntrated.
Be perfect & accurate.
Be progressive & proactive.
Be enthusiastic and good
personality figure.
To become human being.
Vinod Anand 15/07/2018
Friend,Philosopher,Guide

1234 गलतियाँ

काम करता है वो
गलतियाँ करता है ।
काम चोर गलतियाँ
नही करते क्यूँकि
काम चोरी सब से
बडी गलति और
कमजोरी है ।
गलतियाँ कर्श या
आशीर्वाद ?
गलति सुधारना,
शीखना और फिर एसी
गलतियाँ न करे तो
गलतियाँ बने आशीर्वाद
वरना गलतियाँ बने कर्श ।
यह मुनासीत है कि काम
करते वक्त होस में रहे ।
फूल प्रूफ सिस्टम हो तो
गलतियाँ कम से कम हो ।
गलतियाँ रूकावट न बने
सफलता में ध्यान रखना ।
गलतियाँ से निराश न होना
लेकिन आशावादी बनना
और फिर प्रयास करना तो
निष्फलता से बच शकते हो ।
विनोद आनंद 14/07/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1233 Power of descipline

Two type of descipline
self descipline and
descipline by force or
by rules & regulation
or strategy or creating
discpline environment.
Self descipline come by
self understanding and
sincer effort by man.
Self descipline is the
main factor of success.
Developed country secret
is self descipline.
Self descipline increases
capacity and productivity.
Be a self descipline for
happy & peaceful life.
Descipline is great power
& driving force of progress.

Vinod Anand 13/07/2018
Friend,Philosopher,Guide

1132 Winner of the life

Your body is factory
out come is work,
action & behaviour.
Mind is supervisor.
Senses are worker.
and intelligent is
manager who take
decision to do work
action & behaviour.
Soul is owner with
knowledge & power.
Mind must order,
superwise & control
senses.
Mind must follow
the intruction from
intelligent & soul.
Mind Can’t control
or instruct senses
independently.
Mind, intelligent &
soul together rule
over senses that is
thinking, working &
behaviour for happy
& peaceful life.
If mind dose work
independently with
out consulting manager
& owner of the factory
then life will not be
stable, happy, peaceful.
Sense & mind should be
under control by you.
Who control the mind &
senses is winner of life.
Vinod Anand 13/07/2018
Friend,Philosopher,Guide

1231 अच्छा और सच्चा दोस्त

सभी रिश्ते जन्म से बनते है
सिर्फ दोस्ती का रिश्ता हमे
बनाना है सच्चा और अच्छा
दोस्त पसंद करके, कैसे भी
निभाना है दोस्ती, अच्छा
दोस्त, सच्चा दोस्त बनके ।
अच्छा दोस्त कौन ?
दोस्त को गलत करने से रोके ।
दूर रहने पर भी याद करे, जब
भी मिले तो खुशी से पगला जाए ।
तुम्हारी गेरमौजुदगी में तारीफ करे ।
तुम्हारे विकास का मौका ढूँढे और
तुम्हारा साथ दे और मदद करे ।
परिवार कि कदर करता है और
सब को अपना समजता है ।
अच्छा दोस्त आप जैसे हो
एसे हि स्वीकार करता है ।
अच्चे दोस्तों को बोलते समय
क्या बोलना है वो सोचना नही
पडता, मज़ाक भी कर शकता है ।
अच्छे दोस्त से बातों मे समय
बीत जाता है पता नही चलता ।
अच्छा और सच्चा दोस्त लालची,
ढोंगी और जूठा नही होता ।
अच्छे दोस्त के घर जाने को
इज़ाजत नही लेनी पडती ।
जो मीठा बोले प्रसंशा और विरोध
न करे, वो सच्छा दोस्त लगता है ।
अच्छा और सच्चा वो तुम्हारे लिए
गोली खाने को भी तैयार हो जाए ।
दोस्ती हो तो कृष्ण सुदामा जैसी ।
विनोद आनंद 10/07/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड

1230 शेर शायरीयों का गुलदस्ता 64

🌷चाँदसा चहेरा
चहेरा खुबसुरत है मगर
होंठो पे हसी नही है ।
मन खुबसुरत नही तो
होंठो पे हसी नही ।
मन कि खुबसुरती होंठो
पे हसी लाएगी, तो चाँदसा
चहेरा बिखेरेगा चांदनी ।
🍀स्वर्ग का निर्माण
अच्छा बदलाव से सफल जीवन ।
सफल जीवन से खुस शांति ।
खुस शांति से सार्थक जीवन,
और धरती स्वर्ग का निर्माण ।
🌺 शुक्रिया
बहोत शुक्रिया बडी महेरबानी
महेरबानीयों का शुक्रिया किजिए
और किसी पे महेरबानी किजिए
तो तुम्हे भी कहेगा कोई शुक्रिया ।
शुक्रिया,धन्यवाद,आभार से जीवन
को सुंदर और सुगंधीत बनाओ
विनोद आनंद 09/07/2018
फ्रेन्ड,फिलोसोफर,गाईड