884 Never Suicide

Suicide is the result of 

tension, worry, depression.

Which are generated by

financial crisis,diseases, 

family quarrel,unplanned 

and irregular life etc. 

These can be reduced or

suppressed with proper

solution, understanding. 

If it not done regularly 

then it accumulate, 

incurs depression,

it will be unbearable &

finally it direct to suicide.

To avoid such situation

be positive, accept what 

you get, be optimistic &

try to release the pressure

or worry regularly so 

does not reaches 

last stage of committing 

sucide in the life. 

Even though if it reaches

stage of suicid, stop, delay

wait & pray God for guidance. 

You will find a way to survive. 

Do not be affected by situation

but try to overcome it because 

situation is not greater than

man’s mind & soul power. 

Best of luck keep in mind

that “Never Suicide” in life. 

There are no. of ways &

means to live  life happily. 

Vinod Anand                          14/08/2017 Friend,Philosopher,Guide  

883 Art of safe driving

Driving a cycle or scooter 

car or heavy vehicle with 

conscious mind & moderate 

speed which can be easily 

control, whenever needed is 

the safest driving. 

Accident free driving 

must be the target while 

driving vehicle. 

FIRST remember vehicle is 

to reach the destination, 

not to hospital-police station. 

So leave the place well early

& goes with moderate speed, 

no need to speed up or overtake. 

SECOND at crossing or bump 

or turning point reduce the 

speed is safest way of driving. 

THIRD remember the rule of

driving & follow strictly.

FOURTH remember nobody

should be injured or die by

irresponsible driving. 

FIFTH don’t over load the

vehicle, drink liquor and

operate or talk on mobile. 

while driving vehicle.

Your mistake or negligency

or haste may create havoc

for you & for other also. 

So be conscious and

care for safest driving. 

LAST Learn the art of driving 

 & make habit of safe driving.

Which will reduce the 

number of accident. 

Safe driving is best safety. 

Vinod Anand                              14/08/2017 Friend,Philosopher,Guide 

882 अजीब तरीका 15 अगस्त मनाने का

15 अगस्त-स्वातंत्र दिन मुबारक ।

15 अगस्त-स्वातंत्र दिन कि

सब को मेरी शुभ कामना ।

चलो अजीब तरीके से मनाए 

2017 का 15 अगस्त-स्वातंत्र दिन ।

क्या है अजीब तरीका जाने ।

हमारे जीवन में खुद का 15 अगस्त 

स्वातंत्र का दिन आए ।

हम अपनी स्वछंदता से, 

अपने मन-ईन्द्रियो कि 

गुलामी से मुक्त होकर 

एक संयमी जीवन बनाने

का सपथ ले और खुद को

असंयमी जीवन से मुक्त करे ।

तब भी हमारे जीवन में खुद का

15 अगस्त-स्वतंत्र दिन आएगा ।

तबभी हम 15 अगस्त-स्वातंत्र 

दिन मनाने के लायक होगे ।

यही है अजीब तरीका 

स्वातंत्र दिन मनाने के ।

प्रार्थाना है मेरी ईश्र्वर से

कि हम सभी एसा कर शके ।

विनोद आनंद                                 14/08/2017

फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

 

881 मुक्ति

दिल में  जब प्रेम जागता है

आँखों से प्रेम ही बरसता है, 

सृष्टि प्रेम सभर हो जाती है,  

वोही प्रेम आँखों से सब के 

दिल में उतर जाता है और

दिल में सोये प्रेम को जगता है ।

ईसी तरह यह सिलसिला चलेतो 

ईश्र्वर कृपा से सभी के जीवन में 

प्रेम का मौसम छा जाएगा ।

धरती पर स्वर्ग उतर आए ।

स्वर्ग का निर्माता है प्रेम ।

प्रेम करो,प्रेम बरसाओ और

सब को प्रेमसे भीगोदो, 

तो नफरत, द्रेष, क्रोध और

ईर्षा से मिलेगी मुक्ति ।

विनोद आनंद                                13/08/2017    फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड

873  संबंध

संबंध एक बंधन, निभाना है । 

संबंध एक बचन, पूरा करना है ।

संबंध एक साधना, सिध्ध करना है ।

संबंध एक आश्रय,  सहार देना है ।

संबंध एक जादू, चमत्कार दिखाना है ।

संबंध एक पहेचान, पहेचान बनानी है ।

संबंध ही जीवन, संबंध बीना जीवन नहीं ।

संबंध सबसे पहेल बाद में सब कुछ ।

संबंध सबसे किंमती, किंमत चूकाना है ।

संबंध प्रत्ये बेजीम्मेदारी, बेवफाई, 

लापरवाही, बेदरकारी और बेध्यान

संबंध में दरार और लागणी में हीनता ।

संबंध में छल कपट, निंदा चुगली

और स्वार्थ संबंध का जनाजा ।

संबंध में दिखावा, चापलूशी और

ढोंग, तोहीम है तो संबंध कि 

उसे बचाना मुश्किल है, 

लेकिन नामुनकीन नही है  ।

संबंध प्रेम, विश्र्वाश,

और स्नेह,समर्पण से

बनते है संबंध मजबूत ।

संबंध ही जीवन का आधार ।

संबंध ही जीवन कि वैशाखी

वरना जीवन होता है अपाहीत 

विनोद आनंद                                10/08/2017    फेंन्ड, फिलोसोफर,गाईड